फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   कार हादसे में दादा की मौत, पोते घायल

कार हादसे में दादा की मौत, पोते घायल

Fri, 12 Oct 2018 10:32 PM IST
Updated Fri, 12 Oct 2018 10:32 PM IST
विज्ञापन
कार हादसे में दादा की मौत, पोते घायल
रुद्रप्रयाग। चोपड़ा-गढ़ीधार मोटर मार्ग पर एक कार दुर्घटना में दादा की मौत हो गई और उनके दोनों पोते घायल हो गए। घायल बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां प्राथमिक उपचार के बाद पांच वर्षीय बालक को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। कार सुरेंद्र सिंह भंडारी ही चला रहे थे।
विज्ञापन

घटनाक्रम के मुताबिक थपलगांव निवासी सुरेंद्र सिंह भंडारी अपनी आल्टो कार से शुक्रवार दोपहर गौचर से थपलगांव जा रहे थे। उनके साथ उनके दोनों पोते भी कार में सवार थे। करीब पौने एक बजे वह सणगू गांव के पास पहुंचे ही थे कि तभी उनकी कार अनियंत्रित होकर 10 मीटर नीचे सणगू-सारी मोटर मार्ग पर छत के बल जा गिरी। हादसे में सुरेंद्र सिंह भंडारी (62) पुत्र नत्था सिंह भंडारी की मौके पर मौत हो गई, जबकि उनके दोनों पोते वंश (9) और शानू (5) पुत्र सत्येंद्र सिंह भंडारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
विज्ञापन

दर्द से कराहते हुए वंश बमुश्किल से वाहन से बाहर निकला और सड़क किनारे खड़ा होकर रोने लगा। तभी मार्ग से गुजर रहे वाहन में बैठे लोगों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनकर वाहन को रुकवा दिया। उन्होंने गंभीर रूप से घायल बच्चे का ढाढ़स बंधाया और वाहन में फंसे एक और बच्चे को बाहर निकाला। दोनों बच्चों को निजी वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वंश के बाएं हाथ में चोट आई है, जबकि शाून के सिर के पीछे चोट से सूजन आई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे सीटी स्कैन के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। विधायक भरत सिंह चौधरी, एसडीएम सदर देवानंद, सीओ श्रीधर प्रसाद बडोला ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

>>>>>>>>>>>>>>
विधायक ने रेस्क्यू में देरी पर जताई नाराजगी
रुद्रप्रयाग। चोपड़ा-गढ़ीधार मोटर मार्ग पर हुए वाहन दुर्घटना के डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम को लेकर विधायक भरत सिंह चौधरी ने नाराजगी जताई। शुक्रवार को दोपहर बाद हुई कार दुर्घटना की सूचना मिलते ही विधायक चौधरी करीब 20 मिनट में मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्वयं ही आपदा कंट्रोल रूम, पुलिस और प्रशासन को हादसे के बारे में जानकारी देते हुए तत्काल टीम भेजने को कहा, लेकिन किसी ने भी त्वरित मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठाई। स्थिति यह रही कि 108 को भी कॉल की गई, लेकिन वाहन दुर्घटनास्थल पर नहीं पहुंचा। इस दौरान मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने विधायक चौधरी के सामने आपदा प्रबंधन और प्रशासन की व्यवस्था को लेकर रोष भी जताया। करीब डेढ़ घंटे बाद उप जिलाधिकारी सदर, सीओ, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी व जिला चिकित्सालय से एंबुलेंस मौके पर पहुंची। विधायक चौधरी ने कहा कि जिला मुख्यालय से 12 किमी की दूरी पर हुए हादसे के रेस्क्यू में डेढ़ घंटे देरी गंभीर लापरवाही है। कहा, वर्ष 2012 की ऊखीमठ व 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद भी सरकारी सिस्टम ने सबक नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि प्रकरण में बरती गई लापरवाही माफी लायक नहीं है। मामले में दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed