{"_id":"5b3fd43e4f1c1ba5468b511b","slug":"61530909758-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीधी भर्ती से भरे जाएंगे प्रधानाचार्यों के आधे पद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीधी भर्ती से भरे जाएंगे प्रधानाचार्यों के आधे पद
Updated Sat, 07 Jul 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
प्रदेश में प्रधानाचार्यों के आधे पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। विभागीय समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने इसके निर्देश दिए थे, जिसके बाद विभागीय स्तर पर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। वहीं, राजकीय शिक्षक संघ ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पात्र शिक्षकों को प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नत करने की मांग की है।
अभी तक प्रधानाचार्यों के शत-प्रतिशत पद विभागीय पदोन्नति से ही भरे जाते हैं। बीती 25 जून को हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में प्रधानाचार्यों के 673 पद रिक्त हैं, लेकिन पदोन्नति के लिए अर्ह अभ्यर्थियों की अनुपलब्धता के कारण ये पद काफी समय से भरे नहीं जा सके हैं। इस पर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने 50 फीसदी पदों को सीधी भर्ती के जरिये भरने के निर्देश दिए। विभाग अब इसका प्रस्ताव तैयार कर रहा है। दूसरी ओर राजकीय शिक्षक संघ ने सरकार के इस कदम पर सख्त आपत्ति जताई है। संघ ने इसे शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात बताते हुए निर्णय को तत्काल वापस लिए जाने की मांग की है।
--
विभागीय स्तर पर अर्ह अभ्यर्थियों की उपलब्धता नहीं होने से पद रिक्त हैं। इससे विद्यालयों में कामकाज प्रभावित हो रहा है। शिक्षा मंत्री के निर्देशानुसार प्रधानाचार्यों की सीधी भर्ती के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन
-आरके कुंवर, निदेशक, विद्यालयी शिक्षा
--
शैक्षिक संवर्ग में पहले ही शिक्षकों को तीन पदोन्नति का लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसे में इस निर्णय से शिक्षकों की तीन पदोन्नति पाने की उम्मीदें पूरी तरह धूमिल हो जाएंगी। प्रधानाचार्यों के पद विभागीय पदोन्नति से ही भरे जाने चाहिए। इसमें बदलाव हुआ तो हम विरोध करेंगे।
-डॉ. सोहन सिंह माझिला, महामंत्री, राजकीय शिक्षक संघ
विज्ञापन
प्रदेश में प्रधानाचार्यों के आधे पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। विभागीय समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने इसके निर्देश दिए थे, जिसके बाद विभागीय स्तर पर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। वहीं, राजकीय शिक्षक संघ ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पात्र शिक्षकों को प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नत करने की मांग की है।
अभी तक प्रधानाचार्यों के शत-प्रतिशत पद विभागीय पदोन्नति से ही भरे जाते हैं। बीती 25 जून को हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में प्रधानाचार्यों के 673 पद रिक्त हैं, लेकिन पदोन्नति के लिए अर्ह अभ्यर्थियों की अनुपलब्धता के कारण ये पद काफी समय से भरे नहीं जा सके हैं। इस पर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने 50 फीसदी पदों को सीधी भर्ती के जरिये भरने के निर्देश दिए। विभाग अब इसका प्रस्ताव तैयार कर रहा है। दूसरी ओर राजकीय शिक्षक संघ ने सरकार के इस कदम पर सख्त आपत्ति जताई है। संघ ने इसे शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात बताते हुए निर्णय को तत्काल वापस लिए जाने की मांग की है।
विज्ञापन
--
विभागीय स्तर पर अर्ह अभ्यर्थियों की उपलब्धता नहीं होने से पद रिक्त हैं। इससे विद्यालयों में कामकाज प्रभावित हो रहा है। शिक्षा मंत्री के निर्देशानुसार प्रधानाचार्यों की सीधी भर्ती के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन
-आरके कुंवर, निदेशक, विद्यालयी शिक्षा
--
शैक्षिक संवर्ग में पहले ही शिक्षकों को तीन पदोन्नति का लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसे में इस निर्णय से शिक्षकों की तीन पदोन्नति पाने की उम्मीदें पूरी तरह धूमिल हो जाएंगी। प्रधानाचार्यों के पद विभागीय पदोन्नति से ही भरे जाने चाहिए। इसमें बदलाव हुआ तो हम विरोध करेंगे।
-डॉ. सोहन सिंह माझिला, महामंत्री, राजकीय शिक्षक संघ