{"_id":"5ba0138b867a55013d11a635","slug":"51537217419-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"23 को लांच होगी आयुष्मान भारत योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
23 को लांच होगी आयुष्मान भारत योजना
Updated Tue, 18 Sep 2018 02:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
23 को लांच होगी आयुष्मान भारत योजना
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। आयुष्मान भारत योजना को लांच कराने को लेकर राज्य सरकारों के साथ ही केंद्र सरकार के स्तर पर तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्रीय चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुंधाष पंत ने सोमवार को स्वास्थ्य महानिदेशालय में आला अफसरों के साथ बैठक कर योजना की समीक्षा की। यह योजना 23 सितंबर को लांच होनी है।
इस मौके पर संयुक्त सचिव सुधांस पंत ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के बाद स्वास्थ्य के क्षेत्र में संचालित होने वाली केंद्र सरकार की दूसरी सबसे बड़ी योजना है। सामाजिक एवं आर्थिक सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर उत्तराखंड में 5.37 लाख परिवारों को योजना का लाभ दिया जाना है। राज्य के 22 लाख परिवारोें को योजना का लाभ दिया जाना। योजना के तहत लाभार्थी परिवार को पांच लाख रुपये का इलाज मुफ्त किया जाना है। जिसके लिए 90 फीसदी बजट केंद्र सरकार मुहैया कराएगी जबकि 10 फीसदी राज्य सरकारों को वहन करना है।
समीक्षा बैठक में आयुष्मान भारत योजना की नोडल अधिकारी एवं अपर निदेशक डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि योजना को राज्य में संचालित करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। योजना के लिए हैदराबाद की फैमिली हेल्थ प्लानिंग लिमिटेड कंपनी का चयन किया गया है। योजना को ट्रस्ट मोड पर चलाया जाएगा जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा अपर सचिव स्वास्थ्य को मुख्य कार्यकारी अधिकारी नामित किया गया है।
विज्ञापन
लाभार्थी परिवारों को योजना में शामिल करने से संबंधित 87 फीसदी परिवारों का डाटा फीड किया जा चुका है। शत प्रतिशत सत्यापन के लिए केेंद्र सरकार से समय विस्तार के लिए अनुरोध किया गया है। डॉ. नैथानी ने बताया कि कुमाऊं क्षेत्र में 42 सरकारी और गढ़वाल क्षेत्र में 55 सरकारी चिकित्सालयों को सूचीबद्ध कर लिया गया है। इसके अलावा आठ निजी अस्पतालों व तीन मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. टीसी पंत, निदेशक डॉ. अमिता उप्रेती, डॉ. अंजलि नौटियाल, वित्त निदेशक, शैलेंद्र शंकर सिंह, अपर परियोजना निदेशक बंशीधर तिवारी, नोडल अधिकारी डॉ. सरोज नैथानी और हेल्थ एजेंसी के अधिकारी उपस्थित थे।
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। आयुष्मान भारत योजना को लांच कराने को लेकर राज्य सरकारों के साथ ही केंद्र सरकार के स्तर पर तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्रीय चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुंधाष पंत ने सोमवार को स्वास्थ्य महानिदेशालय में आला अफसरों के साथ बैठक कर योजना की समीक्षा की। यह योजना 23 सितंबर को लांच होनी है।
इस मौके पर संयुक्त सचिव सुधांस पंत ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के बाद स्वास्थ्य के क्षेत्र में संचालित होने वाली केंद्र सरकार की दूसरी सबसे बड़ी योजना है। सामाजिक एवं आर्थिक सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर उत्तराखंड में 5.37 लाख परिवारों को योजना का लाभ दिया जाना है। राज्य के 22 लाख परिवारोें को योजना का लाभ दिया जाना। योजना के तहत लाभार्थी परिवार को पांच लाख रुपये का इलाज मुफ्त किया जाना है। जिसके लिए 90 फीसदी बजट केंद्र सरकार मुहैया कराएगी जबकि 10 फीसदी राज्य सरकारों को वहन करना है।
विज्ञापन
समीक्षा बैठक में आयुष्मान भारत योजना की नोडल अधिकारी एवं अपर निदेशक डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि योजना को राज्य में संचालित करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। योजना के लिए हैदराबाद की फैमिली हेल्थ प्लानिंग लिमिटेड कंपनी का चयन किया गया है। योजना को ट्रस्ट मोड पर चलाया जाएगा जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा अपर सचिव स्वास्थ्य को मुख्य कार्यकारी अधिकारी नामित किया गया है।
विज्ञापन
लाभार्थी परिवारों को योजना में शामिल करने से संबंधित 87 फीसदी परिवारों का डाटा फीड किया जा चुका है। शत प्रतिशत सत्यापन के लिए केेंद्र सरकार से समय विस्तार के लिए अनुरोध किया गया है। डॉ. नैथानी ने बताया कि कुमाऊं क्षेत्र में 42 सरकारी और गढ़वाल क्षेत्र में 55 सरकारी चिकित्सालयों को सूचीबद्ध कर लिया गया है। इसके अलावा आठ निजी अस्पतालों व तीन मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. टीसी पंत, निदेशक डॉ. अमिता उप्रेती, डॉ. अंजलि नौटियाल, वित्त निदेशक, शैलेंद्र शंकर सिंह, अपर परियोजना निदेशक बंशीधर तिवारी, नोडल अधिकारी डॉ. सरोज नैथानी और हेल्थ एजेंसी के अधिकारी उपस्थित थे।