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लोन देने में हिचक रहे बैंक, लटके टारगेट, लंबित पड़े आवेदन
Updated Thu, 07 Jun 2018 01:51 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
प्रदेश के सभी बैंक लोन देने में हिचक रहे हैं। बैंकों के पास लंबित लोन आवेदनों की संख्या बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार को हुई राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में इस बात पर वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने बैंकों को दस जून तक सभी लोन के लंबित आवेदनों को निस्तारित करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि बैंकों को जरूरतमंदों को ऋण देने की प्रक्रिया में चुस्ती दिखानी चाहिए।
बैंकर्स समिति की बैठक में बैंकों का ऋण देने में सुस्ती प्रमुखता से छाई रही। प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना में बैंकों ने शिशु लोन और किशोर लोन देने में तो अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन पांच से दस लाख रुपये के तरुण लोन को देने में काफी सुस्ती बरती गई है। पहली तिमाही में बैंकों ने शिशु लोन के 192.93 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 212.97 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया है। किशोर लोन में बैंकों ने 848.64 करोड़ के टारगेट के सापेक्ष 717.45 करोड़ का ऋण वितरित किया है। लेकिन तरुण योजना में 854.65 करोड़ के टारगेट के सापेक्ष केवल 498.65 करोड़ रुपये का ऋण ही वितरित किया गया है।
इसी प्रकार, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना में बैंकों को वाहनों के लिए 222 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 154 स्वीकृत किए गए। 141 को ऋण दिया गया। 54 रद्द कर दिए गए जबकि 14 आवेदन लंबित हैं। गैर वाहन योजना के तहत बैंकों को 170 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 89 स्वीकृत किए गए। 80 को ऋण वितरित किया गया। 65 आवेदन निरस्त किए गए और 16 आवेदन लंबित हैं। स्टैंडअप योजना में भी महिलाओं और अनुसूचित जाति व जनजाति के एक-एक व्यक्ति को प्रति ब्रांच ऋण दिया जाना अनिवार्य था। लेकिन कुछ बैंकों ने ही इस टारगेट को पूरा किया है।
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हथकरघा बुनकरों की मुद्रा योजना में भी बैंकों की रफ्तार बेहद धीमी है। इस योजना का लक्ष्य 1750 का है लेकिन बैंकों ने 85 आवेदन पर ही ऋण दिया है। दो आवेदन लंबित हैं। योजना का प्रचार प्रसार बेहद कम किया जा रहा है। उद्योग निदेशालय के अधिकारियों के मुताबिक, बैंक इस योजना के तहत लोन देने में आनाकानी कर रहे हैं। ऋण देने के इन मामलों को लेकर वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने काफी नाराजगी जताई। उन्होंने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वह दस जून तक सभी लंबित आवेदन निस्तारित कर दें। इसके अलावा बैंक कोशिश करें कि वह ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों को लोन दें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना की तरुण योजना में भी बैंक प्राथमिकता के तौर पर लोन वितरित करें।
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प्रदेश के सभी बैंक लोन देने में हिचक रहे हैं। बैंकों के पास लंबित लोन आवेदनों की संख्या बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार को हुई राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में इस बात पर वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने बैंकों को दस जून तक सभी लोन के लंबित आवेदनों को निस्तारित करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि बैंकों को जरूरतमंदों को ऋण देने की प्रक्रिया में चुस्ती दिखानी चाहिए।
बैंकर्स समिति की बैठक में बैंकों का ऋण देने में सुस्ती प्रमुखता से छाई रही। प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना में बैंकों ने शिशु लोन और किशोर लोन देने में तो अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन पांच से दस लाख रुपये के तरुण लोन को देने में काफी सुस्ती बरती गई है। पहली तिमाही में बैंकों ने शिशु लोन के 192.93 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 212.97 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया है। किशोर लोन में बैंकों ने 848.64 करोड़ के टारगेट के सापेक्ष 717.45 करोड़ का ऋण वितरित किया है। लेकिन तरुण योजना में 854.65 करोड़ के टारगेट के सापेक्ष केवल 498.65 करोड़ रुपये का ऋण ही वितरित किया गया है।
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इसी प्रकार, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना में बैंकों को वाहनों के लिए 222 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 154 स्वीकृत किए गए। 141 को ऋण दिया गया। 54 रद्द कर दिए गए जबकि 14 आवेदन लंबित हैं। गैर वाहन योजना के तहत बैंकों को 170 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 89 स्वीकृत किए गए। 80 को ऋण वितरित किया गया। 65 आवेदन निरस्त किए गए और 16 आवेदन लंबित हैं। स्टैंडअप योजना में भी महिलाओं और अनुसूचित जाति व जनजाति के एक-एक व्यक्ति को प्रति ब्रांच ऋण दिया जाना अनिवार्य था। लेकिन कुछ बैंकों ने ही इस टारगेट को पूरा किया है।
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हथकरघा बुनकरों की मुद्रा योजना में भी बैंकों की रफ्तार बेहद धीमी है। इस योजना का लक्ष्य 1750 का है लेकिन बैंकों ने 85 आवेदन पर ही ऋण दिया है। दो आवेदन लंबित हैं। योजना का प्रचार प्रसार बेहद कम किया जा रहा है। उद्योग निदेशालय के अधिकारियों के मुताबिक, बैंक इस योजना के तहत लोन देने में आनाकानी कर रहे हैं। ऋण देने के इन मामलों को लेकर वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने काफी नाराजगी जताई। उन्होंने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वह दस जून तक सभी लंबित आवेदन निस्तारित कर दें। इसके अलावा बैंक कोशिश करें कि वह ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों को लोन दें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना की तरुण योजना में भी बैंक प्राथमिकता के तौर पर लोन वितरित करें।