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उपवास पर बैठे मजदूर-किसान
Updated Sat, 08 Jul 2017 10:31 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। ‘गांधी की विरासत’ के बैनर तले जटवाड़ा पुल पर केंद्र सरकार पर किसान, मजदूर, अल्पसंख्यकों के साथ-साथ दलितों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ दो घंटे का सांकेतिक धरना दिया गया।
जटवाड़ा पुल पर उपवास रखते हुए पूर्व विधायक अंबरीष कुमार ने कहा कि तथाकथित हिंदू राष्ट्र समर्थकों की ओर से नफरत फैलाकर दिलों को बांटकर देश की एकता को घायल कर दिया। उन्होंने कहा चंपारण आंदोलन की शताब्दी वर्ष में किसानों को आत्महत्या पर मजबूर कर गांधी के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। आरक्षण की समीक्षा के नाम पर दलितों को धमकाया जा रहा है। मुरली मनोहर, जिला पंचायत सदस्य रोशनलाल ने कहा कि किसान आज उपेक्षित, त्रस्त, और बेबसी में है। अल्पसंख्यक भीड़ के निशाने पर है और दलित जेलों में बंद किए जा रहे हैं। भीम सेना के चंद्रशेखर इसका उदाहरण है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष राव आफाक अली ने कहा कि यह संगठन अराजनीतिक होकर सांप्रदायिक सद्भाव, किसान, मजदूर की बेहतरी तथा दलितों के सम्मान की लड़ाई लड़ेगा। नईम अख्तर कुरैशी ने समाज में फैलाई जा रही नफरत पर चिंता व्यक्त की। वरुण बालियान ने कहा कि आरएसएस के लोग नफरत फैलाने वाले तैयार करते हैं। पार्षद अमन गर्ग ने कह कि केंद्र सरकार बोलने की आजादी पर अघोषित पाबंदी लगाकर हिटलर के रास्ते पर चल रही है। विरासत के जिलाध्यक्ष नंदलाल राणा ने कहा कि इस आंदोलन को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। बलराम राठौर, अरुण चौहान, धर्मपाल ठेकेदार, सोम त्यागी, इदरीश, पार्षद उपेंद्र, अंकित चौहान, पंकज, धर्मेंद्र आदि ने विचार रखे। उपवास रखने वालों में क्षेत्रपाल, अनुज सिंह, रतन सिंह, सगीर, शकील प्रधान, ताहिर, कल्लू हसन, अंबिका पांडेय, अब्दुल समद, सलीम, साजिद, खेम सिंह, अंकिचन शर्मा, सुरेश पाल, मदन, शहाबुद्दीन, हारून अंसारी, नरेश प्रधान, मानसिंह, मुकुल जोशी, हिमांशु गुप्ता आदि शामिल हुए।
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हरिद्वार। ‘गांधी की विरासत’ के बैनर तले जटवाड़ा पुल पर केंद्र सरकार पर किसान, मजदूर, अल्पसंख्यकों के साथ-साथ दलितों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ दो घंटे का सांकेतिक धरना दिया गया।
जटवाड़ा पुल पर उपवास रखते हुए पूर्व विधायक अंबरीष कुमार ने कहा कि तथाकथित हिंदू राष्ट्र समर्थकों की ओर से नफरत फैलाकर दिलों को बांटकर देश की एकता को घायल कर दिया। उन्होंने कहा चंपारण आंदोलन की शताब्दी वर्ष में किसानों को आत्महत्या पर मजबूर कर गांधी के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। आरक्षण की समीक्षा के नाम पर दलितों को धमकाया जा रहा है। मुरली मनोहर, जिला पंचायत सदस्य रोशनलाल ने कहा कि किसान आज उपेक्षित, त्रस्त, और बेबसी में है। अल्पसंख्यक भीड़ के निशाने पर है और दलित जेलों में बंद किए जा रहे हैं। भीम सेना के चंद्रशेखर इसका उदाहरण है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष राव आफाक अली ने कहा कि यह संगठन अराजनीतिक होकर सांप्रदायिक सद्भाव, किसान, मजदूर की बेहतरी तथा दलितों के सम्मान की लड़ाई लड़ेगा। नईम अख्तर कुरैशी ने समाज में फैलाई जा रही नफरत पर चिंता व्यक्त की। वरुण बालियान ने कहा कि आरएसएस के लोग नफरत फैलाने वाले तैयार करते हैं। पार्षद अमन गर्ग ने कह कि केंद्र सरकार बोलने की आजादी पर अघोषित पाबंदी लगाकर हिटलर के रास्ते पर चल रही है। विरासत के जिलाध्यक्ष नंदलाल राणा ने कहा कि इस आंदोलन को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। बलराम राठौर, अरुण चौहान, धर्मपाल ठेकेदार, सोम त्यागी, इदरीश, पार्षद उपेंद्र, अंकित चौहान, पंकज, धर्मेंद्र आदि ने विचार रखे। उपवास रखने वालों में क्षेत्रपाल, अनुज सिंह, रतन सिंह, सगीर, शकील प्रधान, ताहिर, कल्लू हसन, अंबिका पांडेय, अब्दुल समद, सलीम, साजिद, खेम सिंह, अंकिचन शर्मा, सुरेश पाल, मदन, शहाबुद्दीन, हारून अंसारी, नरेश प्रधान, मानसिंह, मुकुल जोशी, हिमांशु गुप्ता आदि शामिल हुए।
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