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उत्तराखंडः वर्कचार्ज कर्मचारियों को पेंशन और एरियर देने के लिए सरकार को खर्चने पड़ेंगे 500 करोड़

Sat, 21 Sep 2019 05:00 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 21 Sep 2019 05:00 AM IST
सार

  • वर्कचार्ज कर्मचारियों को पेंशन और एरियर देने का फैसला
  • अपर मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को कार्रवाई करने को कहा
  • अकेले लोक निर्माण विभाग में पेंशन एरियर का खर्च होंगे 300 करोड़ से ज्यादा

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500 crore will spent uttarakhand government to pay pension and arrears of workcharged employees
प्रतीकात्मक

विस्तार

आय बढ़ाने के लिए निरंतर संघर्ष कर रही प्रदेश सरकार के खजाने पर करीब 500 करोड़ रुपये का सालाना खर्च और जुड़ने जा रहा है। यह भारी भरकम राशि उसे वर्कचार्ज कर्मचारियों की पेंशन और तीन साल के एरियर के भुगतान पर व्यय करनी होगी। अकेले लोक निर्माण विभाग में ही 300 करोड़ रुपये से अधिक के खर्च का अनुमान है। शासन ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर अमल करने का निर्णय लिया है।

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 अपर मुख्य सचिव (लोनिवि) ओम प्रकाश ने मुख्य अभियंता (मुख्यालय) को अदालत के फैसले पर कार्रवाई की हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने एरियर की धनराशि दो किस्तों में जारी करने के निर्देश दिए हैं। पहली किस्त के लिए 50 करोड़ की धनराशि का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। ये निर्देश शासन स्तर पर हुई बैठक में दिए गए। इस बैठक में अपर सचिव लोनिवि प्रदीप सिंह रावत, प्रमुख अभियंता हरिओम शर्मा, मुख्य अभियंता अयाज अहमद, विधि परामर्शी सयन सिंह, वरिष्ठ स्टाफ अफसर अशोक कुमार उपस्थित थे।  
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विभाग सुप्रीम कोर्ट का फैसले के अनुसार देयों को भुगतान करेगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए है। मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारी को हर सप्ताह रिपोर्ट देने को कहा गया है। इससे 300 से 400 करोड़ के खर्च का अनुमान है।
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- ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव लोनिवि 

अदालत में जाने का प्रश्न नहीं

प्रेम सिंह बनाम उत्तरप्रदेश राज्य में एक अगस्त 2019 को सुप्रीम कोर्ट की लार्जर बैंच के फैसले के खिलाफ प्रदेश सरकार अब कोई विधिक रास्ता नहीं खोजेगी। बैठक में इसकी गुंजाइश टटोलने का प्रयास हुआ लेकिन प्रदेश सरकार के विधि परामर्शी सयन सिंह ने साफ कर दिया कि लार्जर बैंच के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे तो मामले सरकार पर कास्ट लगने की संभावना है।

लोनिवि में कुछ यूं आएगा खर्च
19.97 करोड़ सालाना पेंशन पर खर्च करने होंगे
83.72 करोड़ की धनराशि कर्मियों की ग्रेच्युटी पर
111.11 करोड़ की धनराशि राशिकरण के तौर पर
90 करोड़ की धनराशि तीन साल के एरियर के रूप में
 
पुरानी और नई पेंशन मिलेगी
2053 वर्कचार्ज कर्मचारियों को पुरानी पेंशन मिलेगी वे 2005 से पूर्व नौकरी में आए
663 वर्कचार्ज कर्मचारियों को नई पेंशन योजना के दायरे में आएंगे वे 2005 के बाद लगे

जमकर हुआ अदालती संघर्ष
717 लोगों ने विभिन्न अदालतों में याचिकाएं दायर कीं
603 लोगों की 125 याचिकाएं निस्तारित भी हुई
94 मामलों में 452 लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कीं

अन्य विभागों पर भी लागू होगा
सुप्रीम कोर्ट का फैसला लोक निर्माण विभाग के अलावा सिंचाई और अन्य अभियंत्रण विभागों के वर्कचार्ज कर्मचारियों पर लागू होगा। अन्य विभागों को भी पेंशन और एरियर का भुगतान करना होगा। इससे सरकारी खजाने पर खर्च बढ़कर 500 करोड़ के पार पहुंचने का अनुमान है।

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