फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   50 thousand people thirsty since three days

देहरादून में 50 हजार लोग तीन दिन से प्यासे

Thu, 28 Jul 2016 09:47 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 28 Jul 2016 09:47 AM IST
विज्ञापन
50 thousand people thirsty since three days
- फोटो : Getty Images

देहरादून के रायपुर समेत आसपास के क्षेत्रों के लोग तीन दिन से प्यासे हैं। पहले यहां पानी आता तो था, लेकिन वह बेहद गंदा होता था। हर बारिश में यहां के लोग को यह समस्या झेलनी पड़ती है।

विज्ञापन


रायपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में बांदल स्त्रोत से पानी दिया जाता है। बांदल में कोई फिल्ट्रेशन प्लांट नहीं है बल्कि सीधे ही लोगों को यहां से पानी सप्लाई किया जाता है। बरसात में स्त्रोत से मिलने वाले पानी के साथ मिट्टी आने की शिकायत रहती है। जब शिकायत बढ़ती है तो विभाग स्त्रोत से पानी देना बंद कर देता है।
विज्ञापन


इस बार भी लोगों के सामने यह समस्या खड़ी हो गई है। क्षेत्रवासी एसपी नौटियाल ने बताया कि कुछ दिन पहले तक बेहद गंदा पानी आ रहा था, इसके साथ कीड़े भी नलों तक पहुंच रहे थे। अब तीन दिन से बिल्कुल पानी नहीं आ रहा है। कई बार जल संस्थान में शिकायत की गई, लेकिन अधिकारी फाल्ट आने की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यदि फाल्ट है तो तीन दिन में भी सही क्यों नहीं हो पाया। क्षेत्रवासी भुवन शर्मा ने कहा कि न तो लाइन में पानी दिया जा रहा है और न ही विभाग की ओर से टैंकर भेजे जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बीबी कोठियाल ने बताया कि लाइन में फाल्ट है जो सही कराया जा रहा है, बारिश की वजह से फाल्ट सही करने में समय लग रहा है। 

थैंक्यू का मैसेज आता है, लेकिन ठीक नहीं होती लीकेज 
जीएमएस रोड क्षेत्र स्थित काली मंदिर में लीकेज की समस्या है। तीन बार टोल फ्री नंबर पर इसकी शिकायत की गई है। शिकायत दर्ज कराने पर थैंक्यू का मैसेज आता है, लेकिन 15 दिन बाद भी लीकेज की मरम्मत नहीं की गई है।
क्षेत्रवासी सतीश चंद्र जखमोला ने बताया कि क्षेत्र में लीकेज से पानी बर्बाद हो रहा है।

रोड पर पानी जमा हुआ है, लोगों का चलना तक मुश्किल हो गया है। पांच बार विभाग में और तीन बार टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई गई। बावजूद इसके लीकेज सही नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन कई लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। बार-बार विभाग को सूचना दी जा रही है।


बावजूद कुछ नहीं हो रहा है। यही स्थिति रही तो विभाग के कार्यालय पर प्रदर्शन करना होगा। वहीं जल संस्थान के अधिशासी अभियंता राजेंद्र रोहेला का कहना है कि हो सकता है शिकायत जेई तक पहुंची हो। अब मामला संज्ञान में आ गया है तो जल्द ही लीकेज सही करा दिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed