{"_id":"5c802e61bdec2213ee5d31ad","slug":"41551904353-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कूच बिहार टीम के खिलाड़ी संयम पर दो साल का प्रतिबंध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कूच बिहार टीम के खिलाड़ी संयम पर दो साल का प्रतिबंध
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कूच बिहार टीम के खिलाड़ी संयम पर दो साल का प्रतिबंध
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड टीम की अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी में एक हजार से ज्यादा रन बनाने वाले संयम अरोड़ा पर बीसीसीआई ने दो साल का प्रतिबंध लगाया है। संयम अरोड़ा ने बीसीसीआई को जो जन्म प्रमाणपत्र और बोनाफाइड प्रमाणपत्र दिए थे, जांच में वे दोनों ही गलत पाए गए हैं।
बुधवार को उत्तराखंड क्रिकेट संचालन समिति (यूसीसीसी) के स्थानीय समन्वयक अमित पांडे ने बताया कि बीसीसीआई ने संयम पर दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही यूसीसीसी ने भी संयम पर दो साल कर प्रतिबंध लगा दिया है। अब वह अगले दो साल तक बीसीसीआई के किसी भी टूर्नामेंट में नहीं खेल सकेंगे।
संयम ने अपना जन्म प्रमाणपत्र और बोनाफाइड प्रमाणपत्र सात दिसंबर 2001 का होना बताया था, जबकि जांच में पाया गया है कि उनका जन्म सात जनवरी 1998 में हुआ था। जांच में दोनों दस्तावेज गलत पाए गए हैं। जिस पर उन्हें दो साल के लिए प्रतिबंध कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड टीम की अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी में एक हजार से ज्यादा रन बनाने वाले संयम अरोड़ा पर बीसीसीआई ने दो साल का प्रतिबंध लगाया है। संयम अरोड़ा ने बीसीसीआई को जो जन्म प्रमाणपत्र और बोनाफाइड प्रमाणपत्र दिए थे, जांच में वे दोनों ही गलत पाए गए हैं।
बुधवार को उत्तराखंड क्रिकेट संचालन समिति (यूसीसीसी) के स्थानीय समन्वयक अमित पांडे ने बताया कि बीसीसीआई ने संयम पर दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही यूसीसीसी ने भी संयम पर दो साल कर प्रतिबंध लगा दिया है। अब वह अगले दो साल तक बीसीसीआई के किसी भी टूर्नामेंट में नहीं खेल सकेंगे।
विज्ञापन
संयम ने अपना जन्म प्रमाणपत्र और बोनाफाइड प्रमाणपत्र सात दिसंबर 2001 का होना बताया था, जबकि जांच में पाया गया है कि उनका जन्म सात जनवरी 1998 में हुआ था। जांच में दोनों दस्तावेज गलत पाए गए हैं। जिस पर उन्हें दो साल के लिए प्रतिबंध कर दिया गया।
विज्ञापन