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पर्यावरण के लिए घातक है प्लास्टिक
Updated Thu, 11 Oct 2018 02:00 AM IST
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पर्यावरण के लिए घातक है प्लास्टिक
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। प्लास्टिक पर्यावरण के लिए घातक है। प्लास्टिक को न तो जलाएं और न इसे मिट्टी में दबाएं, ऐसा करने से प्रदूषण फैलता है। नेस्ले-अमर उजाला दो मिनट सफाई के नाम अभियान के तहत बुधवार को कुल्हान स्थित उत्तरांचल कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित कार्यक्रम में वेस्ट वारियर्स संस्था की अंकिता चमोला ने यह बातें कही।
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक पर्यावरण के लिए खतरा बनती जा रही है। इससे इको सिस्टम भी प्रभावित हो रहा है। यही कारण है कि उन्होंने प्लास्टिक को प्रतिबंधित करना जरूरी हो गया है। अगर समय रहते प्लास्टिक पर प्रतिबंध नहीं लगा तो इसके बड़े दुष्परिणाम देखने को मिलेंगे। इसके लिए हम खुद प्लास्टिक के इस्तेमाल पर लगाम लगाएं। दूसरी ओर, वसंत विहार स्थित गौतम इंटरनेशनल स्कूल में भी नेस्ले-अमर उजाला दो मिनट सफाई के नाम कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां आए वेस्ट वॉरियर्स के मैनेजर आउटरीच पार्टनरशिप नवीन कुमार सदाना ने कहा कि कचरे को तीन भाग में विभाजित किया जा सकता है। इससे न केवल घरों में कूड़े का सही तरीके से निपटान होगा बल्कि क्षेत्र में भी स्वच्छता बनी रहती है। कूड़े को जलाने, दबाने या ढेर लगाने से पर्यावरण को भारी नुकसान होता है। इससे पहले चकराता रोड स्थित दून पीजी कॉलेज और इंद्रप्रस्थ नेहरू एकेडमी ऑफ होटल मैनेजमेंट में भी कार्यक्रम आयोजित हो चुका है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। प्लास्टिक पर्यावरण के लिए घातक है। प्लास्टिक को न तो जलाएं और न इसे मिट्टी में दबाएं, ऐसा करने से प्रदूषण फैलता है। नेस्ले-अमर उजाला दो मिनट सफाई के नाम अभियान के तहत बुधवार को कुल्हान स्थित उत्तरांचल कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित कार्यक्रम में वेस्ट वारियर्स संस्था की अंकिता चमोला ने यह बातें कही।
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक पर्यावरण के लिए खतरा बनती जा रही है। इससे इको सिस्टम भी प्रभावित हो रहा है। यही कारण है कि उन्होंने प्लास्टिक को प्रतिबंधित करना जरूरी हो गया है। अगर समय रहते प्लास्टिक पर प्रतिबंध नहीं लगा तो इसके बड़े दुष्परिणाम देखने को मिलेंगे। इसके लिए हम खुद प्लास्टिक के इस्तेमाल पर लगाम लगाएं। दूसरी ओर, वसंत विहार स्थित गौतम इंटरनेशनल स्कूल में भी नेस्ले-अमर उजाला दो मिनट सफाई के नाम कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां आए वेस्ट वॉरियर्स के मैनेजर आउटरीच पार्टनरशिप नवीन कुमार सदाना ने कहा कि कचरे को तीन भाग में विभाजित किया जा सकता है। इससे न केवल घरों में कूड़े का सही तरीके से निपटान होगा बल्कि क्षेत्र में भी स्वच्छता बनी रहती है। कूड़े को जलाने, दबाने या ढेर लगाने से पर्यावरण को भारी नुकसान होता है। इससे पहले चकराता रोड स्थित दून पीजी कॉलेज और इंद्रप्रस्थ नेहरू एकेडमी ऑफ होटल मैनेजमेंट में भी कार्यक्रम आयोजित हो चुका है।
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