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दो जिलों के सीएमओ ने सरेंडर किया बजट
Updated Sun, 03 Jun 2018 02:07 AM IST
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दो जिलों के सीएमओ ने वापस किया बजट
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
एक तरफ राज्य के सरकारी अस्पतालों और विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों के लिए आवासों की भारी कमी है, वहीं देहरादून और ऊधमसिंह नगर के सीएमओ ने सरकार व स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से निर्माण कार्यों के लिए जारी किए गए बजट वापस कर दिया है। इसे गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के वित्त नियंत्रक ने दोनों जिलोें के सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा है।
उल्लेखनीय है कि देहरादून समेत राज्य के सभी जिलों के सीएमओ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और डॉक्टरों, कर्मचारियों के आवास के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 में बजट का आवंटन किया गया था, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि देहरादून व ऊधमसिंह नगर के सीएमओ ने जारी किए गए बजट का इस्तेमाल करने और निर्माण कार्य को कराने के बजाय इसे सरेंडर कर दिया। इस मामले में स्वास्थ्य निदेशालय ने सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा है। स्वास्थ्य विभाग के वित्त नियंत्रक का कहना है कि बजट का इस्तेमाल न करके उसे लौटाया जाना गंभीर लापरवाही है। अधिकारियों से पूछा जाएगा कि उन्होंने किन वजहों से बजट लौटाया?
दूसरी ओर स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अर्चना श्रीवास्तव का कहना है कि सभी सीएमओ को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि केंद्र व राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं को लेकर जितना भी बजट जारी किया जा रहा है, उसका समय रहते इस्तेमाल कर लिया जाए। जारी बजट का समय पर इस्तेमाल नहीं करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
एक तरफ राज्य के सरकारी अस्पतालों और विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों के लिए आवासों की भारी कमी है, वहीं देहरादून और ऊधमसिंह नगर के सीएमओ ने सरकार व स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से निर्माण कार्यों के लिए जारी किए गए बजट वापस कर दिया है। इसे गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के वित्त नियंत्रक ने दोनों जिलोें के सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा है।
उल्लेखनीय है कि देहरादून समेत राज्य के सभी जिलों के सीएमओ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और डॉक्टरों, कर्मचारियों के आवास के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 में बजट का आवंटन किया गया था, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि देहरादून व ऊधमसिंह नगर के सीएमओ ने जारी किए गए बजट का इस्तेमाल करने और निर्माण कार्य को कराने के बजाय इसे सरेंडर कर दिया। इस मामले में स्वास्थ्य निदेशालय ने सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा है। स्वास्थ्य विभाग के वित्त नियंत्रक का कहना है कि बजट का इस्तेमाल न करके उसे लौटाया जाना गंभीर लापरवाही है। अधिकारियों से पूछा जाएगा कि उन्होंने किन वजहों से बजट लौटाया?
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दूसरी ओर स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अर्चना श्रीवास्तव का कहना है कि सभी सीएमओ को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि केंद्र व राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं को लेकर जितना भी बजट जारी किया जा रहा है, उसका समय रहते इस्तेमाल कर लिया जाए। जारी बजट का समय पर इस्तेमाल नहीं करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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