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गढ़वाल विवि के आदेश से पैदा हुआ भ्रम
Updated Thu, 05 Apr 2018 01:56 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
कॉलेजों में सीटें कम करने के बाद अब गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के एक और आदेश ने भ्रम पैदा कर दिया है। विवि ने तय किया है कि इस बार बीएड की प्रवेश परीक्षा केवल विवि के तीन परिसरों के लिए होगी। इसकी आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट ने इसे सेंट्रल यूनिवर्सिटी एक्ट का उल्लंघन बताया है। उनका कहना है कि जब तक एक्ट में संशोधन के बाद वह विवि से असंबद्ध नहीं हो जाते हैं, तब तक विवि किस आधार पर उन्हें अलग करने की योजना बना रहा है।
गढ़वाल विवि ने हाल ही में उन सभी कॉलेजों के कोर्स और सीटें रोलबैक करने का आदेश जारी किया है, जहां 15 जनवरी 2009 के बाद सीटें या कोर्स दिए गए थे। इस निर्णय से कॉलेजों और छात्रों में परेशानी है। दूसरी ओर, अब गढ़वाल विवि कुलसचिव ने आदेश जारी किया है कि इस बार की बीएड प्रवेश परीक्षा केवल विवि के तीन परिसरों के लिए होगी। निजी कॉलेजों को असंबद्ध किया जा रहा है, इसलिए वहां इससे दाखिले नहीं होंगे। एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल का कहना है कि विवि के एक्ट के हिसाब से जब तक असंबद्ध करने की प्रक्रिया पूरी न हो जाए, तब तक उन्हें दाखिलों से नहीं रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह आतिथि तक विवि के अंग हैं। असंबद्ध करने की लंबी प्रक्रिया है जो कि संभावित तौर पर इस साल अमल में आनी मुश्किल है। उन्होंने विवि कुलसचिव से अपील की है कि वह ऐसे फैसले जारी न करें, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो। उनका कहना है कि निजी बीएड कॉलेजों के लिए पहले भी अलग से कोई प्रवेश परीक्षा नहीं होती थी। गढ़वाल विवि के तीन परिसरों के लिए ही परीक्षा होती थी, जिसके रिजल्ट के आधार पर कॉलेज अपने स्तर पर काउंसिलिंग कर सीटें भरते हैं। ऐसे में इस आदेश का मतलब समझ से परे है।
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कॉलेजों में सीटें कम करने के बाद अब गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के एक और आदेश ने भ्रम पैदा कर दिया है। विवि ने तय किया है कि इस बार बीएड की प्रवेश परीक्षा केवल विवि के तीन परिसरों के लिए होगी। इसकी आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट ने इसे सेंट्रल यूनिवर्सिटी एक्ट का उल्लंघन बताया है। उनका कहना है कि जब तक एक्ट में संशोधन के बाद वह विवि से असंबद्ध नहीं हो जाते हैं, तब तक विवि किस आधार पर उन्हें अलग करने की योजना बना रहा है।
गढ़वाल विवि ने हाल ही में उन सभी कॉलेजों के कोर्स और सीटें रोलबैक करने का आदेश जारी किया है, जहां 15 जनवरी 2009 के बाद सीटें या कोर्स दिए गए थे। इस निर्णय से कॉलेजों और छात्रों में परेशानी है। दूसरी ओर, अब गढ़वाल विवि कुलसचिव ने आदेश जारी किया है कि इस बार की बीएड प्रवेश परीक्षा केवल विवि के तीन परिसरों के लिए होगी। निजी कॉलेजों को असंबद्ध किया जा रहा है, इसलिए वहां इससे दाखिले नहीं होंगे। एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल का कहना है कि विवि के एक्ट के हिसाब से जब तक असंबद्ध करने की प्रक्रिया पूरी न हो जाए, तब तक उन्हें दाखिलों से नहीं रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह आतिथि तक विवि के अंग हैं। असंबद्ध करने की लंबी प्रक्रिया है जो कि संभावित तौर पर इस साल अमल में आनी मुश्किल है। उन्होंने विवि कुलसचिव से अपील की है कि वह ऐसे फैसले जारी न करें, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो। उनका कहना है कि निजी बीएड कॉलेजों के लिए पहले भी अलग से कोई प्रवेश परीक्षा नहीं होती थी। गढ़वाल विवि के तीन परिसरों के लिए ही परीक्षा होती थी, जिसके रिजल्ट के आधार पर कॉलेज अपने स्तर पर काउंसिलिंग कर सीटें भरते हैं। ऐसे में इस आदेश का मतलब समझ से परे है।
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