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वसंतोत्सव में बिखरे प्रकृति के खूबसूरत रंग
Updated Sun, 25 Feb 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
राजभवन में शनिवार से दो दिवसीय वसंतोत्सव-2018 का रंगारंग आगाज हुआ। पहले दिन बड़ी संख्या में पुष्प प्रेमी फूलों के दीदार के लिए राजभवन पहुंचे। लोगों ने ट्यूलिप, गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा जरबेरा, कारनेशन, ग्लेडियोलस, लीलियम, आर्किड समेत विभिन्न फूलों का आनंद लिया। उद्घाटन अवसर पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्रों के योग प्रदर्शन और गोरखा राइफल्स के जवानों के खुखरी नृत्य ने समां बांध दिया। वहीं, आईटीबीपी जवानों के हैरतअंगेज करतब देखकर लोग दंग रह गए।
राज्यपाल डॉ.कृष्णकांत पाल ने वसंतोत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा कि फूलों की खेती किसानों के आमदनी का बेहतर जरिया है। किसानों के लिए इसमें असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि वसंतोत्सव देहरादून का एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन बन चुका है। इसमें व्यक्ति परिवार के साथ प्रकृति, संगीत, कला, सौंदर्य, मनोरंजन और खानपान का आनंद ले सकता है। पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष बड़ी तादात में हुए पुष्प उत्पादन ने इस क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं जागृत कर दी हैं। प्रदेश में फूलों की खेती का क्षेत्रफल बढ़ना एक सुखद संकेत है। ट्यूलिप जैसे कीमती फूलों की खेती को प्रोत्साहित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि राजभवन में प्रायोगिक तौर पर गत वर्ष से लगाए गए ट्यूलिप के बल्ब्स सेे निकले फूलों ने इसकी सफल खेती के अच्छे संकेत दिए हैं। विशिष्ट अतिथि कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग से जुड़े गांवों में फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इसकी खेती से किसानों की आय बढ़ेगी। इस अवसर पर पूर्व मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल टीपीएस रावत, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव रविनाथ रमन, राज्यपाल के विधि परामर्शी विवेक भारती शर्मा, वित्त नियंत्रक केसी पांडे, चीफ पोस्टमास्टर जनरल उदय कृष्ण, ओमिता पाल, उद्यान निदेशक डॉ.बीएस नेगी समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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स्कूली बच्चों की पेंटिंग प्रतियोगिता
वसंतोत्सव में शनिवार को स्कूली बच्चों की पेंटिंग प्रतियोगिता हुई। राज्यपाल डॉ.केके पाल ने बच्चों की प्रतिभा देखकर कहा कि इस आयोजन के प्रति बच्चों में भी उत्साह बढ़ रहा है। इससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। वसंतोत्सव में शारीरिक और मानसिक रूप से अशक्त और अपवंचित वर्ग के बच्चों सहित विभिन्न स्कूलों से आए बच्चों को चित्रकला प्रतियोगिता के अंतर्गत रंग और तूलिका के माध्यम से अपने मनोभाव को अभिव्यक्त कर प्रतिभा प्रदर्शन का मौका दिया गया।
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राज्यपाल की ओर से संग्रहीत डाक टिकट प्रदर्शित
वसंतोत्सव में डाक विभाग की ओर से डाक टिकटों का प्रदर्शन किया। इसमें राज्यपाल की ओर से संग्रहीत डाक टिकटों को भी प्रदर्शित किया गया। डाक संग्रह के शौकीनों ने विभिन्न वर्षों में जारी हुए डाक टिकटों के बारे में जानकारी ली।
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जरबेरा, कारनेशन, ग्लैडोलियस आकर्षण के केंद्र
वसंतोत्सव में जरबेरा, कारनेशन और ग्लैडोलियस आदि फूल लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। इसके अलावा पॉटेड प्लांट्स, कैक्टस वैरायटी, वोन्साई फूल, सब्जियों के पौधे सहित कई तरह के उत्पाद भी लोगों ने खूब पसंद किए।
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कलाकारों ने लोक संस्कृति की छटा बिखेरी
वसंतोत्सव में देर शाम कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिये प्रदेश की लोक संस्कृति की छटा बिखेरी। कुमाऊं के छोलिया नृत्य एवं लोक गीतों पर नृत्यों की प्रस्तुति को लोगों ने खूब सराहा।
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1850 लोगों ने किया प्रतिभाग
वसंतोत्सव में इस वर्ष फूलों की प्रदर्शनी में विभिन्न वर्गों में 1850 लोगों ने प्रतिभाग किया। जबकि, पिछले वर्ष 1581 लोगों ने प्रतिभाग किया। ओएनजीसी सहित विभिन्न संस्थानों की ओर से फूलों की प्रदर्शनी लगाई गई है।
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राजभवन में शनिवार से दो दिवसीय वसंतोत्सव-2018 का रंगारंग आगाज हुआ। पहले दिन बड़ी संख्या में पुष्प प्रेमी फूलों के दीदार के लिए राजभवन पहुंचे। लोगों ने ट्यूलिप, गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा जरबेरा, कारनेशन, ग्लेडियोलस, लीलियम, आर्किड समेत विभिन्न फूलों का आनंद लिया। उद्घाटन अवसर पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्रों के योग प्रदर्शन और गोरखा राइफल्स के जवानों के खुखरी नृत्य ने समां बांध दिया। वहीं, आईटीबीपी जवानों के हैरतअंगेज करतब देखकर लोग दंग रह गए।
राज्यपाल डॉ.कृष्णकांत पाल ने वसंतोत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा कि फूलों की खेती किसानों के आमदनी का बेहतर जरिया है। किसानों के लिए इसमें असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि वसंतोत्सव देहरादून का एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन बन चुका है। इसमें व्यक्ति परिवार के साथ प्रकृति, संगीत, कला, सौंदर्य, मनोरंजन और खानपान का आनंद ले सकता है। पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष बड़ी तादात में हुए पुष्प उत्पादन ने इस क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं जागृत कर दी हैं। प्रदेश में फूलों की खेती का क्षेत्रफल बढ़ना एक सुखद संकेत है। ट्यूलिप जैसे कीमती फूलों की खेती को प्रोत्साहित किया जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि राजभवन में प्रायोगिक तौर पर गत वर्ष से लगाए गए ट्यूलिप के बल्ब्स सेे निकले फूलों ने इसकी सफल खेती के अच्छे संकेत दिए हैं। विशिष्ट अतिथि कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग से जुड़े गांवों में फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इसकी खेती से किसानों की आय बढ़ेगी। इस अवसर पर पूर्व मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल टीपीएस रावत, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव रविनाथ रमन, राज्यपाल के विधि परामर्शी विवेक भारती शर्मा, वित्त नियंत्रक केसी पांडे, चीफ पोस्टमास्टर जनरल उदय कृष्ण, ओमिता पाल, उद्यान निदेशक डॉ.बीएस नेगी समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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स्कूली बच्चों की पेंटिंग प्रतियोगिता
वसंतोत्सव में शनिवार को स्कूली बच्चों की पेंटिंग प्रतियोगिता हुई। राज्यपाल डॉ.केके पाल ने बच्चों की प्रतिभा देखकर कहा कि इस आयोजन के प्रति बच्चों में भी उत्साह बढ़ रहा है। इससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। वसंतोत्सव में शारीरिक और मानसिक रूप से अशक्त और अपवंचित वर्ग के बच्चों सहित विभिन्न स्कूलों से आए बच्चों को चित्रकला प्रतियोगिता के अंतर्गत रंग और तूलिका के माध्यम से अपने मनोभाव को अभिव्यक्त कर प्रतिभा प्रदर्शन का मौका दिया गया।
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राज्यपाल की ओर से संग्रहीत डाक टिकट प्रदर्शित
वसंतोत्सव में डाक विभाग की ओर से डाक टिकटों का प्रदर्शन किया। इसमें राज्यपाल की ओर से संग्रहीत डाक टिकटों को भी प्रदर्शित किया गया। डाक संग्रह के शौकीनों ने विभिन्न वर्षों में जारी हुए डाक टिकटों के बारे में जानकारी ली।
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जरबेरा, कारनेशन, ग्लैडोलियस आकर्षण के केंद्र
वसंतोत्सव में जरबेरा, कारनेशन और ग्लैडोलियस आदि फूल लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। इसके अलावा पॉटेड प्लांट्स, कैक्टस वैरायटी, वोन्साई फूल, सब्जियों के पौधे सहित कई तरह के उत्पाद भी लोगों ने खूब पसंद किए।
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कलाकारों ने लोक संस्कृति की छटा बिखेरी
वसंतोत्सव में देर शाम कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिये प्रदेश की लोक संस्कृति की छटा बिखेरी। कुमाऊं के छोलिया नृत्य एवं लोक गीतों पर नृत्यों की प्रस्तुति को लोगों ने खूब सराहा।
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1850 लोगों ने किया प्रतिभाग
वसंतोत्सव में इस वर्ष फूलों की प्रदर्शनी में विभिन्न वर्गों में 1850 लोगों ने प्रतिभाग किया। जबकि, पिछले वर्ष 1581 लोगों ने प्रतिभाग किया। ओएनजीसी सहित विभिन्न संस्थानों की ओर से फूलों की प्रदर्शनी लगाई गई है।