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उत्तराखंड: पुलिस की रडार पर आए 400 से ज्यादा संदिग्ध विदेशी, खुफिया एजेंसियों में मचा हड़कंप

Thu, 13 Sep 2018 04:52 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुड़की
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुड़की Updated Thu, 13 Sep 2018 04:52 PM IST
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400 suspected foreigner on police radar in roorkee uttarakhand
suspected - फोटो : demo pic

विदेशी नागरिक होने के शक में जिले में रह रहे करीब 400 संदिग्ध पुलिस की रडार पर हैं। खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की ओर से जिले में बड़ी संख्या में रोहिंग्याओं के शरण लेने की आशंका वाले बयान के बाद पुलिस और खुफिया विभाग की ओर से की गई जांच में यह आंकड़ा सामने आया है।

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बताया गया है कि ये संदिग्ध नागरिक खुद को पश्चिम बंगाल और असम का बता रहे हैं। लिहाजा पुलिस ने पश्चिम बंगाल और असम सरकार को इनकी जानकारी दी है। साथ ही इनकी सत्यापन रिपोर्ट भी मांगी गई है।
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माना जा रहा है कि सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद विदेशी नागरिकों के संबंध में बड़े खुलासे हो सकते हैं। यहां यह भी गौर करने वाली बात है कि कलियर क्षेत्र में ही अभी तक एक दर्जन से अधिक बांग्लादेशी और अफगानी नागरिक पकड़े जा चुके हैं।
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करीब दो माह पूर्व खानपुर विधायक ने हरिद्वार जिले में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों के शरण लेने की आशंका जताई थी। उनका कहना था इनमें रोहिंग्या मुसलमान भी हो सकते हैं। इसके बाद जिला पुलिस और खुफिया विभाग ने जिले में रह रहे संदिग्ध नागरिकों का सत्यापन शुरू किया गया था।

400 suspected foreigner on police radar in roorkee uttarakhand
पुलिस - फोटो : अमर उजाला

खुफिया विभाग के साथ-साथ पुलिस ने भी पिरान कलियर समेत लक्सर, खानपुर, ज्वालापुर, हरिद्वार, मंगलौर और भगवानपुर समेत सभी स्थानों पर संदिग्धों की पड़ताल शुरू की थी। सूत्रों की मानें तो अकेले पिरान कलियर में ही खुफिया विभाग ने 150 से अधिक संदिग्ध नागरिकों की पहचान की है। जबकि, पिरान कलियर के अलावा जिले के देहात क्षेत्रों में करीब 250 संदिग्ध लोगों की लिस्ट तैयार की है।

हालांकि, प्रशासन के सामने परेशानी इस बात की है कि भिखारी और बाबाओं के भेष में रहने वाले ये लोग खुद को पश्चिम बंगाल और असम के रहने वाले बताते हैं। इनकी भाषा भी सीमा से सटे बांग्लादेश, अफगानिस्तान और अन्य प्रदेशों से मिलती जुलती है।

साथ ही इनका खानपान और वेशभूषा भी अलग है। लिहाजा इनकी स्पष्ट पहचान कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में पुलिस ने पश्चिम बंगाल और असम सरकार से संपर्क साधा है। वहां के प्रशासन को संदिग्धों का विवरण भेजकर सत्यापन रिपोर्ट देने की मांग की है। सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद यह तय हो पाएगा कि संदिग्ध माने जा रहे ये नागरिक कितना सच बोल रहे हैं।  

पिछले कुछ माह में बड़े पैमाने पर सत्यापन कराया गया है। इसमें काफी संख्या में ऐसे संदिग्ध नागरिकों की पहचान हुई है, जिनकी भाषा अन्य देशों से मिलती जुलती है। इसके लिए पश्चिम बंगाल और असम आदि प्रदेशों में संपर्क साधकर जानकारी जुटाई जा रही है। 
-कृष्ण कुमार वीके, एसएसपी हरिद्वार  

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