{"_id":"5b1ae92d4f1c1b624d8b55af","slug":"31528490285-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दून को आईपीएल की मेजबानी मिलना आसान नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दून को आईपीएल की मेजबानी मिलना आसान नहीं
Updated Sat, 09 Jun 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
राजधानी स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को अगले वर्ष आईपीएल मुकाबलों की मेजबानी मिलना इतना आसान नहीं है। देहरादून पहुंचे आईपीएल के चेयरमैन राजीव शुक्ला ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए आयोजन से पहले की मुश्किलें गिनाईं।
गोल्ड कप प्रतियोगिता का मैच देखने रेंजर्स मैदान पहुंचे राजीव शुक्ला ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए सभी मुद्दों पर खुलकर राय रखी। उन्होंने कहा कि केवल उनके कहने भर से आईपीएल की मेजबानी नहीं मिलेगी। इसके लिए कई अन्य तरह की सुविधाएं और व्यवस्थाएं आवश्यक हैं। साथ ही आईपीएल गवर्निंग काउंसिल और फ्रेंचाइजी की सहमति भी जरूरी है। आयोजन से पहले काउंसिल मैदान और यहां उपलब्ध सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण करती है। इसके बाद आईपीएल मैचों की मेजबानी पर फैसला होता है।
प्रदेश को बीसीसीआई मान्यता के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी खेल संघों को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित क्रिकेट प्रशासक समिति मान्यता को लेकर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को एक रणजी मुकाबले की मेजबानी मिली थी, लेकिन खेल संघों के आपसी झगड़े के कारण अंतिम समय में इसे रद्द कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजधानी स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को अगले वर्ष आईपीएल मुकाबलों की मेजबानी मिलना इतना आसान नहीं है। देहरादून पहुंचे आईपीएल के चेयरमैन राजीव शुक्ला ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए आयोजन से पहले की मुश्किलें गिनाईं।
गोल्ड कप प्रतियोगिता का मैच देखने रेंजर्स मैदान पहुंचे राजीव शुक्ला ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए सभी मुद्दों पर खुलकर राय रखी। उन्होंने कहा कि केवल उनके कहने भर से आईपीएल की मेजबानी नहीं मिलेगी। इसके लिए कई अन्य तरह की सुविधाएं और व्यवस्थाएं आवश्यक हैं। साथ ही आईपीएल गवर्निंग काउंसिल और फ्रेंचाइजी की सहमति भी जरूरी है। आयोजन से पहले काउंसिल मैदान और यहां उपलब्ध सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण करती है। इसके बाद आईपीएल मैचों की मेजबानी पर फैसला होता है।
विज्ञापन
प्रदेश को बीसीसीआई मान्यता के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी खेल संघों को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित क्रिकेट प्रशासक समिति मान्यता को लेकर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को एक रणजी मुकाबले की मेजबानी मिली थी, लेकिन खेल संघों के आपसी झगड़े के कारण अंतिम समय में इसे रद्द कर दिया गया।
विज्ञापन