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उतराखंड में क्रिकेट एसोसिएशन को मान्यता नहीं
Updated Sat, 13 Jan 2018 01:33 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून।
प्रदेश में बीसीसीआई मान्यता को लेकर चल रही क्रिकेट एसोसिएशनों की लड़ाई का नुकसान अंतत: उन्हें खुद भी होने जा रहा है। जुलाई में उत्तराखंड के दौरे पर आई बीसीसीआई की समिति ने राज्य की किसी भी एसोसिएशन को मान्यता के लिए उपयुक्त नहीं माना है। इसके बजाय समिति ने अपनी रिपोर्ट में प्रदेश में कम से कम तीन साल के लिए एडहॉक कमेटी के गठन की सिफारिश की है। अगर समिति की रिपोर्ट मानी गई, तो सभी एसोसिएशन के लिए तीन साल तक मान्यता के दरवाजे बंद हो जाएंगे।
अंशुमान गायकवाड़ की अध्यक्षता में 14 और 15 जुलाई 2017 को उत्तराखंड दौरे पर आई समिति ने राज्य की क्रिकेट एसोसिएशनों के सामने जो सवाल रखे, उनमें से ज्यादातर के उन्हें नकारात्मक जवाब ही मिले हैं। राज्य की किसी भी क्रिकेट एसोसिएशन के पास अपना मैदान और सभी 13 जिलों में संगठन जैसी आवश्यक चीजें नहीं हैं। इसके अलावा पेन कार्ड, आईटीआर, सदस्यों की संख्या और उनका ब्योरा जैसी शर्तों को भी एसोसिएशन पूरा नहीं कर पाई है। समिति की इस रिपोर्ट में हालांकि प्रदेश की चारों प्रमुख क्रिकेट एसोसिएशनों, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड, उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन, उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन और यूनाइटेड क्रिकेट एसोसिएशन को शामिल किया गया है। समिति ने सवालों के जवाब के साथ ही उससे संबंधित दस्तावेज भी मांगे, जिन्हें उपलब्ध कराने में एसोसिएशन नाकाम रहीं हैं।
....................
समिति ने पूछे यह सवाल
1. क्या आप रजिस्टर्ड बॉडी हैं? किस एक्ट के तहत?
2. क्या आपके पास ऑफिस ब्यूरो लिस्ट है?
3. क्या आपके पास पंजीकृत कार्यालय है?
4. क्या आपकी एसोसिएशन का पैन कार्ड है?
5. क्या आपके सदस्य हैं? उन्हें वोटिंग का अधिकार है?
6. क्या आपके पास अपटूडेट आईटी व एसटी रिटर्न है?
7. क्या आपकी एजीएम हुई है?
8. क्या आपकी कार्यकारी या प्रबंधन समिति है?
9. क्या आपका अपना या लीज पर क्रिकेट मैदान है?
10. क्या आप कोई क्रिकेट एक्टिविटी कराते हैं?
11. आपकी एसोसिएशन में कितने क्रिकेटर शामिल हैं?
12. आप क्रिकेटरों को कैसे फाइनेंस करते हैं?
13. मान्यता समिति के साथ अंतिम बैठक के बाद आपने क्या कदम उठाए?
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प्रदेश में बीसीसीआई मान्यता को लेकर चल रही क्रिकेट एसोसिएशनों की लड़ाई का नुकसान अंतत: उन्हें खुद भी होने जा रहा है। जुलाई में उत्तराखंड के दौरे पर आई बीसीसीआई की समिति ने राज्य की किसी भी एसोसिएशन को मान्यता के लिए उपयुक्त नहीं माना है। इसके बजाय समिति ने अपनी रिपोर्ट में प्रदेश में कम से कम तीन साल के लिए एडहॉक कमेटी के गठन की सिफारिश की है। अगर समिति की रिपोर्ट मानी गई, तो सभी एसोसिएशन के लिए तीन साल तक मान्यता के दरवाजे बंद हो जाएंगे।
अंशुमान गायकवाड़ की अध्यक्षता में 14 और 15 जुलाई 2017 को उत्तराखंड दौरे पर आई समिति ने राज्य की क्रिकेट एसोसिएशनों के सामने जो सवाल रखे, उनमें से ज्यादातर के उन्हें नकारात्मक जवाब ही मिले हैं। राज्य की किसी भी क्रिकेट एसोसिएशन के पास अपना मैदान और सभी 13 जिलों में संगठन जैसी आवश्यक चीजें नहीं हैं। इसके अलावा पेन कार्ड, आईटीआर, सदस्यों की संख्या और उनका ब्योरा जैसी शर्तों को भी एसोसिएशन पूरा नहीं कर पाई है। समिति की इस रिपोर्ट में हालांकि प्रदेश की चारों प्रमुख क्रिकेट एसोसिएशनों, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड, उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन, उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन और यूनाइटेड क्रिकेट एसोसिएशन को शामिल किया गया है। समिति ने सवालों के जवाब के साथ ही उससे संबंधित दस्तावेज भी मांगे, जिन्हें उपलब्ध कराने में एसोसिएशन नाकाम रहीं हैं।
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समिति ने पूछे यह सवाल
1. क्या आप रजिस्टर्ड बॉडी हैं? किस एक्ट के तहत?
2. क्या आपके पास ऑफिस ब्यूरो लिस्ट है?
3. क्या आपके पास पंजीकृत कार्यालय है?
4. क्या आपकी एसोसिएशन का पैन कार्ड है?
5. क्या आपके सदस्य हैं? उन्हें वोटिंग का अधिकार है?
6. क्या आपके पास अपटूडेट आईटी व एसटी रिटर्न है?
7. क्या आपकी एजीएम हुई है?
8. क्या आपकी कार्यकारी या प्रबंधन समिति है?
9. क्या आपका अपना या लीज पर क्रिकेट मैदान है?
10. क्या आप कोई क्रिकेट एक्टिविटी कराते हैं?
11. आपकी एसोसिएशन में कितने क्रिकेटर शामिल हैं?
12. आप क्रिकेटरों को कैसे फाइनेंस करते हैं?
13. मान्यता समिति के साथ अंतिम बैठक के बाद आपने क्या कदम उठाए?