दारोगा रैंकर भर्ती दौड़ में गश खाकर गिरे 25 सिपाही, 1 की मौत
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हरिद्वार में उत्तराखंड दारोगा रैंकर परीक्षा के लिए आयोजित दौड़ में कई पुलिस के सिपाही दौड़ लगाते समय गश खाकर गिर गए। देर रात को एक सिपाही ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
पूरे प्रदेश भर से पुलिस के सिपाही यहां दौड़ में शामिल होने पहुंचे थे। दारोगा रैंकर परीक्षा के लिए पांच किलोमीटर की दौड़ को तीस मिनट में पूरा करना था। पीएसी कैंपस और भेल क्षेत्र को दौड़ के लिए चुना था। दौड़ लगाते समय कुछ सिपाही तो हांफ कर किनारे हो गए तो कई गश खाकर गिर गए।
उपचार के लिए ऐसे सिपाहियों को मेट्रो और भेल अस्पताल भेजा जाता रहा। आठ चरण में सम्पन्न हुई दौड़ में करीब 25 सिपाही बेहोश होकर अस्पताल पहुंचे। सोमवार देर रात प्रकाश चंद्र भट्ट पुत्र रेवाधर भट्ट निवासी कसानी पिथौरागढ़ ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक जीआरपी रामनगर (नैनीताल) में तैनात था। इसकी पुष्टि 40वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक अरुण मोहन जोशी ने की।
कोई गश खाकर गिरा, किसी ने छोड़ी दौड़
पीएसी से मिली जानकारी के अनुसार 2290 पुलिस के सिपाहियों को दौड़ में शामिल होना था। 726 सिपाही आए ही नहीं। पुरुष वर्ग में 1116 और महिलाओं में 51 सिपाही सफल हुए।
पहले से कर लिए गए थे इंतजाम
स्वास्थ्य महकमे के बिना सहयोग के ही पुलिस प्रशासन ने इंतजाम जुटाए हुए थे। मेट्रो व भेल अस्पताल से एंबुलेंस मंगवा ली गई थी और 108 भी खड़ी कर ली गई थी। दो एंबुलेंस पीएसी की भी थी।
सीएमओ के खिलाफ मुकदमे की तैयारी
सीएमओ के सहयोग न देने से खफा पीएसी के सेनानायक अरुण मोहन जोशी ने कार्रवाई का मन बनाया है। सेनानायक ने बताया कि बकायदा लिखित में सीएमओ को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की बाबत पत्र लिखा गया था। सेनानायक ने कहा कि सीएमओ के खिलाफ मुकदमा कराने की कार्रवाई कराई जाएगी।