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बालिका निकेतन प्रकरण: नहीं आए नाबालिग के परिजन, अधिकारियों ने ही कराया अंतिम संस्कार
Mon, 20 May 2019 09:57 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 20 May 2019 09:57 AM IST
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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बालिका निकेतन में संदिग्ध हालात में मृत मिली किशोरी का लक्खीबाग स्थित श्मशान घाट पर परिजन न पहुंचने पर विभागीय अधिकारियों ने अंतिम संस्कार किया। बुधवार शाम केदारपुरम स्थित बालिका निकेतन के बाथरूम में किशोरी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।
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पुलिस ने घटना के दिन ही रूपनगर (पंजाब) स्थित किशोरी के परिजनों को फोन कर घटनाक्रम की जानकारी दे दी थी। पहले तो पिता ने बेटी का शव लेने से इनकार कर दिया था। लेकिन, पुलिस ने समझा-बुझाकर उन्हें शव लेने के लिए राजी कर लिया था।
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पुलिस ने पिता को शव लेने देहरादून आने की बात कही तो उन्होंने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। उसके बाद पुलिस ने शव दून अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया था। 72 घंटे बाद भी जब कोई परिजन दून नहीं पहुंचा तो रविवार को विभागीय अधिकारियों ने किशोरी का अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान डीपीओ मीना बिष्ट, सीपीओ मोहित चौधरी, कमल गुप्ता, मीना सिंह आदि अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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