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भगवान को याद रखना सबसे बड़ी संपति : वत्सल
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
हाथी के प्राण जब संकट में फंसे तब उसने भगवान को पुकारा। ठीक उसी प्रकार मनुष्य के जीवन में जब दुख आता है तो उसे भगवान याद आते हैं। भगवान को याद रखना सबसे बड़ी संपत्ति है। भगवान को भूलना विपत्ति है।
यह बातें बृहस्पतिवार को रायपुर रोड स्थित शिवलोक कॉलोनी में आयोजित भागवत कथा में आचार्य डॉ. विनीत डबराल वत्सल ने कहीं। इस मौके पर भजनों की प्रस्तुति से माहौल भक्तिमय हो गया। कथा वाचक वत्सल ने कहा कि राम का नाम प्राणी मात्र को आराम देता है। राम हमारे आदर्श हैं इसलिए मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या एक जघन्य अपराध है और इससे बड़ा कोई पाप नहीं। बेटा तो केवल एक कुल को तारता है। बेटी दो-दो कुलों को तारती हैं। कथा वाचक वत्सल ने कहा कि कृष्ण जब आते हैं तो मोह माया के बंधनों से मुक्त कराते हैं। इसके बाद कथा स्थल पर धूमधाम से कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर प्रेम बल्लभ थपलियाल, चंद्र वल्लभ थपलियाल, राकेश डोभाल, दिनेश डोभाल, पंडित राजेश, मनोज, प्रदीप गोस्वामी, हर्ष घिल्डियाल आदि मौजूद रहे।
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हाथी के प्राण जब संकट में फंसे तब उसने भगवान को पुकारा। ठीक उसी प्रकार मनुष्य के जीवन में जब दुख आता है तो उसे भगवान याद आते हैं। भगवान को याद रखना सबसे बड़ी संपत्ति है। भगवान को भूलना विपत्ति है।
यह बातें बृहस्पतिवार को रायपुर रोड स्थित शिवलोक कॉलोनी में आयोजित भागवत कथा में आचार्य डॉ. विनीत डबराल वत्सल ने कहीं। इस मौके पर भजनों की प्रस्तुति से माहौल भक्तिमय हो गया। कथा वाचक वत्सल ने कहा कि राम का नाम प्राणी मात्र को आराम देता है। राम हमारे आदर्श हैं इसलिए मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या एक जघन्य अपराध है और इससे बड़ा कोई पाप नहीं। बेटा तो केवल एक कुल को तारता है। बेटी दो-दो कुलों को तारती हैं। कथा वाचक वत्सल ने कहा कि कृष्ण जब आते हैं तो मोह माया के बंधनों से मुक्त कराते हैं। इसके बाद कथा स्थल पर धूमधाम से कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर प्रेम बल्लभ थपलियाल, चंद्र वल्लभ थपलियाल, राकेश डोभाल, दिनेश डोभाल, पंडित राजेश, मनोज, प्रदीप गोस्वामी, हर्ष घिल्डियाल आदि मौजूद रहे।
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