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निवेश के लिए सात हाइड्रो प्रोजेक्ट चिह्नित
Updated Sun, 14 Oct 2018 01:53 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड जलविद्युत निगम (यूजेवीएनएल) में करोड़ोें की लागत वाली कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में निजी पूूंजी निवेश की तैयारी है। इन्वेस्टर्स मीट-2018 के बाद यूजेवीएनएल अफसरों ने उन हाइड्रो प्रोजेक्ट को भी चिह्नित कर लिया है। जिसमें नामीगिरामी निजी कंपनियां पूंजी निवेश कर सकती हैं। यूजेवीएनएल अफसरों ने 4913.32 करोड़ रुपये की लागत वाले ऐसी सात हाइड्रो प्रोजेक्ट चिह्नित भी कर लिए हैं।
यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा के मुताबिक पिथौरागढ़ में तीन परियोजनाओं मेवानी, कमटोली व सेराघाट हाइड्रो प्रोजेक्ट के अलावा देहरादून में 300 मेगावाट के लखवाड़ हाइड्रो प्रोजेक्ट, ऊधमसिंहनगर में 22 मेगावाट का बाजपुर-कोआपरेटिव जनरेशन प्रोजेक्ट, 16 मेगावाट का नादेही प्रोजेक्ट और 15 मेगावाट का किच्छा प्रोजेक्ट कुछ ऐसी चुनिंदा परियोजनाएं है जहां निजी कंपनियां पूंजी निवेश कर सकती हैं। यूजेवीएनएल अफसरों के मुताबिक लखवाड़ हाइड्रो प्रोजेेक्ट में 3966.51 करोड़, कमटोली में 242.33 करोड़ के पूंजी निवेश की तैयारी है। बता दें, यूजेवीएनएल की 72 से अधिक परियोजनाएं विभिन्न कारणों से रुकी हुई हैं। जबकि कई परियोजनाओं के लिए बजट का प्रावधान नहीं हो पाया है।
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उत्तराखंड जलविद्युत निगम (यूजेवीएनएल) में करोड़ोें की लागत वाली कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में निजी पूूंजी निवेश की तैयारी है। इन्वेस्टर्स मीट-2018 के बाद यूजेवीएनएल अफसरों ने उन हाइड्रो प्रोजेक्ट को भी चिह्नित कर लिया है। जिसमें नामीगिरामी निजी कंपनियां पूंजी निवेश कर सकती हैं। यूजेवीएनएल अफसरों ने 4913.32 करोड़ रुपये की लागत वाले ऐसी सात हाइड्रो प्रोजेक्ट चिह्नित भी कर लिए हैं।
यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा के मुताबिक पिथौरागढ़ में तीन परियोजनाओं मेवानी, कमटोली व सेराघाट हाइड्रो प्रोजेक्ट के अलावा देहरादून में 300 मेगावाट के लखवाड़ हाइड्रो प्रोजेक्ट, ऊधमसिंहनगर में 22 मेगावाट का बाजपुर-कोआपरेटिव जनरेशन प्रोजेक्ट, 16 मेगावाट का नादेही प्रोजेक्ट और 15 मेगावाट का किच्छा प्रोजेक्ट कुछ ऐसी चुनिंदा परियोजनाएं है जहां निजी कंपनियां पूंजी निवेश कर सकती हैं। यूजेवीएनएल अफसरों के मुताबिक लखवाड़ हाइड्रो प्रोजेेक्ट में 3966.51 करोड़, कमटोली में 242.33 करोड़ के पूंजी निवेश की तैयारी है। बता दें, यूजेवीएनएल की 72 से अधिक परियोजनाएं विभिन्न कारणों से रुकी हुई हैं। जबकि कई परियोजनाओं के लिए बजट का प्रावधान नहीं हो पाया है।
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