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रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे की चट्टान पर पड़ी दरारें
Updated Mon, 10 Jul 2017 10:47 PM IST
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रुद्रप्रयाग। केदारघाटी की लाइफ लाइन रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर खतरा मंडराने लगा है। खाट गांव के नीचे राजमार्ग की सतह से लगे चट्टानी क्षेत्र में दरारें पड़ गई हैं। पहाड़ी से कुछ पत्थर अपनी जगह छोड़ चुके हैं और जगह-जगह अटके हुए हैं, जिससे भूस्खलन का खतरा बना है। जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लोनिवि निर्माण खंड से यहां ट्रीटमेंट की मांग की।
सोमवार को रुक-रुककर होती बारिश के दौरान खाट गांव के नीचे राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी चट्टान पर दरारें पड़ गई हैं। दरार सड़क किनारे से लेकर करीब 20 मीटर से अधिक लंबी है। ऐसे में राजमार्ग के पुराने पुश्ते के कुछ पत्थर भी बाहर की ओर से खिसक रहे हैं। अगर दरार चौड़ी हुई तो सड़क का काफी बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है। यहां से ठीक नीचे मंदाकिनी नदी के तेज बहाव से हो रहे भू-कटाव का असर खाट गांव तक पड़ रहा है। ग्राम पंचायत खाट की ग्राम प्रधान दुर्गा देवी व ग्राम पंचायत खड़िया के प्रधान त्रिलोक सिंह ने बताया कि केदारनाथ आपदा के बाद से इस समस्या के स्थायी निराकरण के लिए शासन स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। हाईवे को कामचलाऊ ठीक किया जा रहा है, जो बरसात में खस्ताहाल हो रहा है।
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सोमवार को रुक-रुककर होती बारिश के दौरान खाट गांव के नीचे राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी चट्टान पर दरारें पड़ गई हैं। दरार सड़क किनारे से लेकर करीब 20 मीटर से अधिक लंबी है। ऐसे में राजमार्ग के पुराने पुश्ते के कुछ पत्थर भी बाहर की ओर से खिसक रहे हैं। अगर दरार चौड़ी हुई तो सड़क का काफी बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है। यहां से ठीक नीचे मंदाकिनी नदी के तेज बहाव से हो रहे भू-कटाव का असर खाट गांव तक पड़ रहा है। ग्राम पंचायत खाट की ग्राम प्रधान दुर्गा देवी व ग्राम पंचायत खड़िया के प्रधान त्रिलोक सिंह ने बताया कि केदारनाथ आपदा के बाद से इस समस्या के स्थायी निराकरण के लिए शासन स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। हाईवे को कामचलाऊ ठीक किया जा रहा है, जो बरसात में खस्ताहाल हो रहा है।
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