{"_id":"6287e545a55025625c66a4ae","slug":"20-lakhs-was-grabbed-from-the-person-working-in-the-police-department-showing-the-land-of-another-city-news-drn412308151","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे की जमीन दिखा पुलिस विभाग में कार्यरत व्यक्ति से बीस लाख हड़पे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे की जमीन दिखा पुलिस विभाग में कार्यरत व्यक्ति से बीस लाख हड़पे
विज्ञापन
राजधानी में भूमाफिया के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं वे अब पुलिस को भी नहीं बख्श रहे। प्रेमनगर क्षेत्र में दूसरे की जमीन का सौदा कर एक पुलिसकर्मी से बीस लाख रुपये हड़प लिए गए। शिकायत के आधार पर प्रेमनगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
हाजी शमशीर खान निवासी कारगी ने प्रेमनगर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि वह पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। मकान मालिक रियासत के जरिये वर्ष 2020 में उनकी पहचान शफीक खान और कुर्बान निवासी नवान कॉलोनी कैंप, यमुनानगर, हरियाणा एवं मूल निवासी पोसखाना, कैराना, शामली से हुई थी। शफीक और कुर्बान ने बताया कि वे प्रॉपर्टी डीलर हैं। इसके बाद उन्होंने दोनों से अपने लिए एक निजी आवासीय प्लॉट दिलाने की बात की। दोनों ने उन्हें सुद्धोवाला में एक प्लॉट दिखाया। बताया कि प्लॉट उनकी साली का है और वह दिल्ली में रहती है। उनके बीच 30 लाख में प्लॉट सौदा हो गया।
उनकी पत्नी रुखसाना खातून और शफीक खान के बीच लिखित एग्रीमेंट हुआ। दोनों ने 11 महीने के अंदर रजिस्ट्री करने का वादा किया। बयाने के रूप में पांच लाख रुपये उन्होंने दे दिए। आरोप है कि जब तय समय में रजिस्ट्री कराने के लिए कहा गया तो वे कोरोना का बहाना बनाकर टालते रहे। दबाव बनाने पर उन्होंने घर में शादी का बहाना बनाया और इसके बाद रजिस्ट्री करने को कहा। इस दौरान उन्होंने कुछ और रुपये भी लिए, लेकिन इसके बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराई। पीड़ित के मुताबिक, जब उन्होंने जमीन के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि उससे दोनों का कोई लेनादेना नहीं है। इसके बाद आरोपियों से अपनी रकम मांगी तो दोनों ने 22 लाख का चेक दिया, जो बाउंस हो गया। थाना प्रभारी मनोज नैनवाल ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाजी शमशीर खान निवासी कारगी ने प्रेमनगर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि वह पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। मकान मालिक रियासत के जरिये वर्ष 2020 में उनकी पहचान शफीक खान और कुर्बान निवासी नवान कॉलोनी कैंप, यमुनानगर, हरियाणा एवं मूल निवासी पोसखाना, कैराना, शामली से हुई थी। शफीक और कुर्बान ने बताया कि वे प्रॉपर्टी डीलर हैं। इसके बाद उन्होंने दोनों से अपने लिए एक निजी आवासीय प्लॉट दिलाने की बात की। दोनों ने उन्हें सुद्धोवाला में एक प्लॉट दिखाया। बताया कि प्लॉट उनकी साली का है और वह दिल्ली में रहती है। उनके बीच 30 लाख में प्लॉट सौदा हो गया।
विज्ञापन
उनकी पत्नी रुखसाना खातून और शफीक खान के बीच लिखित एग्रीमेंट हुआ। दोनों ने 11 महीने के अंदर रजिस्ट्री करने का वादा किया। बयाने के रूप में पांच लाख रुपये उन्होंने दे दिए। आरोप है कि जब तय समय में रजिस्ट्री कराने के लिए कहा गया तो वे कोरोना का बहाना बनाकर टालते रहे। दबाव बनाने पर उन्होंने घर में शादी का बहाना बनाया और इसके बाद रजिस्ट्री करने को कहा। इस दौरान उन्होंने कुछ और रुपये भी लिए, लेकिन इसके बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराई। पीड़ित के मुताबिक, जब उन्होंने जमीन के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि उससे दोनों का कोई लेनादेना नहीं है। इसके बाद आरोपियों से अपनी रकम मांगी तो दोनों ने 22 लाख का चेक दिया, जो बाउंस हो गया। थाना प्रभारी मनोज नैनवाल ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन