1955 करोड़ का घोटाला: दून समेत कई शहरों में छापे, आईटीबीपी के रिटा. आईजी के घर पर कई घंटे जांच
- सीबीआई ने आईटीबीपी के रिटायर्ड आईजी के आवास पर कई घंटे की जांच
- देहरादून, गुड़गांव और दिल्ली समेत आठ शहरों में एक साथ पड़े छापे
- एजुकॉम्प सोल्यूशंस और सहायक कंपनियों के निदेशकों पर मुकदमा
- आवास पर नहीं मिले रिटायर्ड आईजी, जांच के बाद लौटी टीम
विस्तार
केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने स्टेट बैंक की अगुवाई वाले 13 बैंकों के कंसोर्टियम को 1955 करोड़ रुपये का चूना लगाने वाली एजुकॉम्प सोल्यूशंस और सहायक कंपनियों के निदेशकों के देहरादून, गुड़गांव और दिल्ली समेत आठ ठिकानों पर छापे मारे।
देहरादून में आईटीबीपी से सेवानिवृत्त आईजी विनोद कुमार डाडोना के आवास पर कई घंटे जांच पड़ताल की गई। डाडोना के न मिलने पर टीम उनकी पत्नी से बातचीत कर लौट गई। सीबीआई ने 13 बैंकों के कंसोर्टियम को 1955 करोड़ रुपये का चूना लगाने वाली एजुकॉम्प सोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और इसकी सहायक कंपनी और निदेशकों पर 10 फरवरी को केस दर्ज किया है।
नॉन परफॉर्मिंग एसेट
सीबीआई ने मंगलवार को इनसे जुडे़ आठ स्थानों पर छापे भी मारे। जांच एजेंसी ने एजुकॉम्प सोल्यूशंस लिमिटेड और इसके प्रबंधन निदेशक शांतनु प्रकाश, गारंटर जगदीश प्रकाश और इसकी सहायक कंपनी एजु स्मार्ट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड और इसके निदेशकों विजय कुमार चौधरी और रिटायर्ड आईजी विनोद कुमार डंडोना पर ये मामले दर्ज किए हैं।
एफआईआर दर्ज करने के बाद एजेंसी ने दिल्ली, देहरादून और गुड़गांव में कंपनियों से जुडे़ परिसरों और निदेशकों के घरों की तलाशी ली। अधिकारियों ने बताया कि 2016 में ही कंपनी ने अपने खाते में फंसे कर्ज (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) घोषित कर दिया था।
कई घंटे आवास पर रहकर जांच पड़ताल की
दिल्ली सीबीआई की टीम मंगलवार सुबह देहरादून में पंडितवाड़ी स्थित सिद्धार्थ पैराडाइज अपार्टमेंट के आवास नंबर 402 पर पहुंची। आवास आईटीबीपी के रिटायर्ड आईजी विनोद कुमार डाडोना का बताया जा रहा है।
डाडोना तो वहां नहीं मिले, लेकिन सीबीआई टीम ने कई घंटे आवास पर रहकर जांच पड़ताल की। बताया गया कि डाडोना किसी काम से गुड़गांव में हैं। पारिवारिक सदस्याें से बातचीत करने के बाद सीबीआई टीम वापस लौट गई।