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अब उतराखंड में होगी सुपर स्पेशयलिटी की पढ़ाई
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
एमबीबीएस, एमडी, एमएस के बाद अब उत्तराखंड में सुपर स्पेशयलिस्ट बनने की भी पढ़ाई होगी। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने हिमालयन मेडिकल कॉलेज जौलीग्रांट को मास्टर ऑफ सर्जरी (एमसीएच) कोर्स की मान्यता दे दी है।
एमसीआई के सेक्रेटरी जनरल डॉ. राकेश कुमार वत्स की ओर से जारी अनुमति पत्र में कहा गया है कि सत्र 2019-20 से ही एमसीएच न्यूरो की दो सीटों पर दाखिला दिया जाएगा। इसके लिए एमसीआई के मानकों के अनुसार ही दाखिला प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। अभी तक प्रदेश में किसी भी सरकार या प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में यह कोर्स संचालित नहीं होता था। पहली बार हिमालयन मेडिकल कॉलेज को कोर्स चलाने का मौका दिया गया है। स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. विजय धस्माना का कहना है कि यह पूरे प्रदेश के लिए भी चिकित्सा शिक्षा की दिशा में एक नया बदलाव है। आने वाले समय में निश्चित तौर पर इसके और अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।
क्या होता है एमसीएच
एमसीएच को मजिस्टर ऑफ चिरुरगी या लैटिन में मास्टर ऑफ सर्जरी कहते हैं। यह तीन वर्ष का पोस्ट डॉक्टोरल कोर्स होता है। इसे सर्जरी के क्षेत्र में सर्वोच्च डिग्री माना जाता है। जैसे सर्जरी में एमसीएच होता है वैसे ही मेडिसिन के क्षेत्र में डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन (डीएम) का कोर्स होता है। इस कोर्स के लिए जनरल सर्जरी में मास्टर डिग्री अनिवार्य है।
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एमबीबीएस, एमडी, एमएस के बाद अब उत्तराखंड में सुपर स्पेशयलिस्ट बनने की भी पढ़ाई होगी। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने हिमालयन मेडिकल कॉलेज जौलीग्रांट को मास्टर ऑफ सर्जरी (एमसीएच) कोर्स की मान्यता दे दी है।
एमसीआई के सेक्रेटरी जनरल डॉ. राकेश कुमार वत्स की ओर से जारी अनुमति पत्र में कहा गया है कि सत्र 2019-20 से ही एमसीएच न्यूरो की दो सीटों पर दाखिला दिया जाएगा। इसके लिए एमसीआई के मानकों के अनुसार ही दाखिला प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। अभी तक प्रदेश में किसी भी सरकार या प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में यह कोर्स संचालित नहीं होता था। पहली बार हिमालयन मेडिकल कॉलेज को कोर्स चलाने का मौका दिया गया है। स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. विजय धस्माना का कहना है कि यह पूरे प्रदेश के लिए भी चिकित्सा शिक्षा की दिशा में एक नया बदलाव है। आने वाले समय में निश्चित तौर पर इसके और अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।
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क्या होता है एमसीएच
एमसीएच को मजिस्टर ऑफ चिरुरगी या लैटिन में मास्टर ऑफ सर्जरी कहते हैं। यह तीन वर्ष का पोस्ट डॉक्टोरल कोर्स होता है। इसे सर्जरी के क्षेत्र में सर्वोच्च डिग्री माना जाता है। जैसे सर्जरी में एमसीएच होता है वैसे ही मेडिसिन के क्षेत्र में डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन (डीएम) का कोर्स होता है। इस कोर्स के लिए जनरल सर्जरी में मास्टर डिग्री अनिवार्य है।
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