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मुख्यमंत्री ने दिए आयुर्वेद विवि की एसआईटी जांच के आदेश -विवि की अनियमितताओं की जांच करेगी टीम
Updated Thu, 07 Jun 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में हुई नियुक्तियों, परीक्षा संबंधी कार्यों और गत वित्तीय वर्ष में किए गए खरीद-भुगतान सहित सभी मामलों की एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं। गृह विभाग को एसआईटी जांच के आदेश की फाइल भी मिल चुकी है। जल्द एसआईटी गठित कर सभी मामलों की जांच शुरू की जाएगी।
अप्रैल 2018 में कुलसचिव पद पर दो दिन के लिए तैनात हुए मृत्युंजय मिश्रा ने विवि की गोपनीय स्टेटस रिपोर्ट शासन और राजभवन को भेजी थी। इसके अलावा आयुर्वेद विवि में हुई गड़बड़ियों की कई शिकायतें भी अलग-अलग लोगों से राजभवन पहुंची थीं। पूरे मामले को राजभवन ने गंभीरता से लिया और मुख्य सचिव उत्पल कुमार को मामले की जांच विजिलेंस या एसआईटी से कराने का पत्र भेजा। इस आधार पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने दस मई को गृह विभाग को आयुर्वेद विवि की जांच एसआईटी से कराने की सिफारिश भेजी थी। चूंकि, गृह विभाग के मुखिया खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत हैं, लिहाजा फाइल उनके पास भेजी गई। सीएम ने अब आयुर्वेद विवि की एसआईटी जांच के आदेश जारी कर दिए। जल्द गृह विभाग एसआईटी गठित करने जा रहा है।
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यह थी स्टेटस रिपोर्ट
चार पृष्ठों की स्टेटस रिपोर्ट में नियुक्तियों से लेकर उपकुलसचिव की तैनाती, चिकित्साधिकारियों का अटैचमेंट, खरीद-भुगतान से लेकर कुलपति की कार्यप्रणाली तक पर सवाल उठाए गए थे। बताया गया था कि किस प्रकार बिना आदेश के ही उपकुलसचिव पद पर डॉ. राजेश अदाना को तैनात किया गया है।
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आयुर्वेद विवि की एसआईटी जांच के आदेश सीएम से प्राप्त हो चुके हैं। जल्द ही विवि की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया जाएगा। जांच रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
-आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव, गृह
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में हुई नियुक्तियों, परीक्षा संबंधी कार्यों और गत वित्तीय वर्ष में किए गए खरीद-भुगतान सहित सभी मामलों की एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं। गृह विभाग को एसआईटी जांच के आदेश की फाइल भी मिल चुकी है। जल्द एसआईटी गठित कर सभी मामलों की जांच शुरू की जाएगी।
अप्रैल 2018 में कुलसचिव पद पर दो दिन के लिए तैनात हुए मृत्युंजय मिश्रा ने विवि की गोपनीय स्टेटस रिपोर्ट शासन और राजभवन को भेजी थी। इसके अलावा आयुर्वेद विवि में हुई गड़बड़ियों की कई शिकायतें भी अलग-अलग लोगों से राजभवन पहुंची थीं। पूरे मामले को राजभवन ने गंभीरता से लिया और मुख्य सचिव उत्पल कुमार को मामले की जांच विजिलेंस या एसआईटी से कराने का पत्र भेजा। इस आधार पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने दस मई को गृह विभाग को आयुर्वेद विवि की जांच एसआईटी से कराने की सिफारिश भेजी थी। चूंकि, गृह विभाग के मुखिया खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत हैं, लिहाजा फाइल उनके पास भेजी गई। सीएम ने अब आयुर्वेद विवि की एसआईटी जांच के आदेश जारी कर दिए। जल्द गृह विभाग एसआईटी गठित करने जा रहा है।
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यह थी स्टेटस रिपोर्ट
चार पृष्ठों की स्टेटस रिपोर्ट में नियुक्तियों से लेकर उपकुलसचिव की तैनाती, चिकित्साधिकारियों का अटैचमेंट, खरीद-भुगतान से लेकर कुलपति की कार्यप्रणाली तक पर सवाल उठाए गए थे। बताया गया था कि किस प्रकार बिना आदेश के ही उपकुलसचिव पद पर डॉ. राजेश अदाना को तैनात किया गया है।
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आयुर्वेद विवि की एसआईटी जांच के आदेश सीएम से प्राप्त हो चुके हैं। जल्द ही विवि की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया जाएगा। जांच रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
-आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव, गृह