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महिलाओं को सशक्त करना जरूरी
Updated Sat, 05 May 2018 02:24 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
डीएवी पीजी कॉलेज में शुक्रवार को महिला सशक्तीकरण विषय पर एनएसयूआई की ओर से विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में एनएसयूआई पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और कई छात्र-छात्राओं ने अपने विचार रखे। गोष्ठी में एमकेपी, डीएवी डाकपत्थर, एसजीआरआर और डीएवी पीजी कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
शुक्रवार को आयोजित विचार गोष्ठी में मुख्य अतिथि एनएसयूआई की प्रदेश प्रभारी करिश्मा ठाकुर ने कहा कि समाज में महिलाओं के प्रति बढ़ते अत्याचारों को रोकने के लिए महिलाओं को सशक्त करना होगा। कहा कि समाज में महिला ही महिलाओं को सशक्त कर सकती है। लोगों को कपड़े बदले की जगह सोच को बदले की जरूरत है। गोष्ठी की आयोजक एनएसयूआई की प्रदेश महासचिव डिंपल शैली ने कहा कि महिलाओं पर हो रहे अत्याचार चिंताजनक है। हमें सामूहिक रूप से इन अत्याचारों के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई लड़नी होगी। कहा कि हमारा संगठन पहले भी महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ लड़ता रहा है और भविष्य में भी महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर उन्हें सशक्त बनाएगा।
गोष्ठी में वर्तमान समय में महिला की स्थिति पर चर्चा की गई। जिसमें सेल्फ डिफेंस, महिला सुरक्षा, बलात्कार, महिलाओें को भविष्य में सशक्त करने को लेकर कई छात्र-छात्राओं ने कविताओं के माध्यम से विचार रखे। समाज में लगातार हो रहे लिंग भेदभाव को लेकर चिंता व्यक्त की। गोष्ठी में प्रदेश अध्यक्ष मोहन भंडारी, गौरांगण क्षेत्री, उर्वशी, कविता, समीर अंसारी, शालिनी, निविदिता, दिव्या, कोमल, मिताली, मुस्कान आदि मौजूद रहे।
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डीएवी पीजी कॉलेज में शुक्रवार को महिला सशक्तीकरण विषय पर एनएसयूआई की ओर से विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में एनएसयूआई पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और कई छात्र-छात्राओं ने अपने विचार रखे। गोष्ठी में एमकेपी, डीएवी डाकपत्थर, एसजीआरआर और डीएवी पीजी कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
शुक्रवार को आयोजित विचार गोष्ठी में मुख्य अतिथि एनएसयूआई की प्रदेश प्रभारी करिश्मा ठाकुर ने कहा कि समाज में महिलाओं के प्रति बढ़ते अत्याचारों को रोकने के लिए महिलाओं को सशक्त करना होगा। कहा कि समाज में महिला ही महिलाओं को सशक्त कर सकती है। लोगों को कपड़े बदले की जगह सोच को बदले की जरूरत है। गोष्ठी की आयोजक एनएसयूआई की प्रदेश महासचिव डिंपल शैली ने कहा कि महिलाओं पर हो रहे अत्याचार चिंताजनक है। हमें सामूहिक रूप से इन अत्याचारों के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई लड़नी होगी। कहा कि हमारा संगठन पहले भी महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ लड़ता रहा है और भविष्य में भी महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर उन्हें सशक्त बनाएगा।
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गोष्ठी में वर्तमान समय में महिला की स्थिति पर चर्चा की गई। जिसमें सेल्फ डिफेंस, महिला सुरक्षा, बलात्कार, महिलाओें को भविष्य में सशक्त करने को लेकर कई छात्र-छात्राओं ने कविताओं के माध्यम से विचार रखे। समाज में लगातार हो रहे लिंग भेदभाव को लेकर चिंता व्यक्त की। गोष्ठी में प्रदेश अध्यक्ष मोहन भंडारी, गौरांगण क्षेत्री, उर्वशी, कविता, समीर अंसारी, शालिनी, निविदिता, दिव्या, कोमल, मिताली, मुस्कान आदि मौजूद रहे।
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