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ईई की बहाली में डीएम की रिपोर्ट बनी बाधा
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ईई की बहाली में डीएम की रिपोर्ट बनी बाधा
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। कुमाऊं क्षेत्र के गदरपुर स्थित यशोदा इंडस्ट्रीज राइस मिल में लाखों की बिजली चोरी मामले में अधीक्षण अभियंता नरेंद्र सिंह टोलिया की बहाली के बाद निलंबित अधिशासी अभियंता उमाकांत चतुर्वेदी की बहाली को लेकर पेच फंस गया है। यूपीसीएल सूत्रों की मानें तो निलंबित अधिशासी अभियंता के लिए खिलाफ ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी ने भी निर्वाचन आयोग को एक रिपोर्ट भेजी है जिसमें जिलाधिकारी ने संबंधित अधिशासी अभियंता पर लोकसभा निर्वाचन ड्यूटी में शिथिलता बरतने का आरोप लगाया गया है। इस प्रकरण की भी जांच कराई जा रही है। जिसके चलते फिलहाल निलंबित अधिशासी अभियंता की बहाली में पेच फंस गया है। दूसरी ओर प्रकरण में निलंबित अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता व अवर अभियंता समेत पांच अधिकारियाें, कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह पहले गदरपुर स्थित मैसर्स यशोदा इंडस्ट्रीज राइस मिल में यूपीसीएल के अभियंताओं व कर्मचारियाें की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का मामला सामने आया था। प्रकरण उजागर होने के बाद प्रबंध निदेशक के निर्देश पर क्षेत्रीय अवर अभियंता महेंद्र कुमार, लाइनमैन उमेश कुमार व एसएचओ नारायण सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। बाद में सचिव ऊर्जा राधिका झा के आदेश पर प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने अधीक्षण अभियंता नरेंद्र सिंह टोलिया, अधिशासी अभियंता उमाकांत चतुर्वेदी व एसडीओ गिरीशचंद्र आर्य को भी निलंबित कर दिया था। निलंबित करने के साथ ही तीनों अधिकारियों को मुख्य अभियंता कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया था।
मामले की जांच निदेशक परिचालन अतुल कुमार अग्रवाल को सौंपी गई थी। जिसके बाद जांच अधिकारी एवं निदेशक परिचालक अतुल कुमार अग्रवाल ने अपनी जांच रिपोर्ट प्रबंध निदेशक को सौंपी। जिसमें उन्होंने अधीक्षण अभियंता नरेंद्र सिंह टोलिया की किसी भी प्रकार की भूमिका होने से इंकार किया था। निदेशक परिचालक की रिपोर्ट के आधार पर टोलिया को बहाल कर दिया गया था। अब इस मामले में अधिशासी अभियंता की बहाली को लेकर पेच फंस गया है।
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जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर ने निर्वाचन आयोग को एक रिपोर्ट भेजी है जिसमें अधिशासी अभियंता पर निर्वाचन कार्यों में शिथिलता बरतने का आरोप लगाया है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर यूपीसीएल प्रबंधन इसकी जांच कर रहा है। एक दिन पूर्व जब अभियंता संघ के पदाधिकारियों ने प्रबंध निदेशक से अभियंताआें की बहाली को लेकर वार्ता की तो प्रबंध निदेशक ने जांच का तर्क देते हुए फिलहाल बहाली से इंकार कर दिया था। दूसरी ओर इस संबंध में जब प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा से जानकारी चाही गई तो संपर्क नहीं हो पाया।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। कुमाऊं क्षेत्र के गदरपुर स्थित यशोदा इंडस्ट्रीज राइस मिल में लाखों की बिजली चोरी मामले में अधीक्षण अभियंता नरेंद्र सिंह टोलिया की बहाली के बाद निलंबित अधिशासी अभियंता उमाकांत चतुर्वेदी की बहाली को लेकर पेच फंस गया है। यूपीसीएल सूत्रों की मानें तो निलंबित अधिशासी अभियंता के लिए खिलाफ ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी ने भी निर्वाचन आयोग को एक रिपोर्ट भेजी है जिसमें जिलाधिकारी ने संबंधित अधिशासी अभियंता पर लोकसभा निर्वाचन ड्यूटी में शिथिलता बरतने का आरोप लगाया गया है। इस प्रकरण की भी जांच कराई जा रही है। जिसके चलते फिलहाल निलंबित अधिशासी अभियंता की बहाली में पेच फंस गया है। दूसरी ओर प्रकरण में निलंबित अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता व अवर अभियंता समेत पांच अधिकारियाें, कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह पहले गदरपुर स्थित मैसर्स यशोदा इंडस्ट्रीज राइस मिल में यूपीसीएल के अभियंताओं व कर्मचारियाें की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का मामला सामने आया था। प्रकरण उजागर होने के बाद प्रबंध निदेशक के निर्देश पर क्षेत्रीय अवर अभियंता महेंद्र कुमार, लाइनमैन उमेश कुमार व एसएचओ नारायण सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। बाद में सचिव ऊर्जा राधिका झा के आदेश पर प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने अधीक्षण अभियंता नरेंद्र सिंह टोलिया, अधिशासी अभियंता उमाकांत चतुर्वेदी व एसडीओ गिरीशचंद्र आर्य को भी निलंबित कर दिया था। निलंबित करने के साथ ही तीनों अधिकारियों को मुख्य अभियंता कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया था।
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मामले की जांच निदेशक परिचालन अतुल कुमार अग्रवाल को सौंपी गई थी। जिसके बाद जांच अधिकारी एवं निदेशक परिचालक अतुल कुमार अग्रवाल ने अपनी जांच रिपोर्ट प्रबंध निदेशक को सौंपी। जिसमें उन्होंने अधीक्षण अभियंता नरेंद्र सिंह टोलिया की किसी भी प्रकार की भूमिका होने से इंकार किया था। निदेशक परिचालक की रिपोर्ट के आधार पर टोलिया को बहाल कर दिया गया था। अब इस मामले में अधिशासी अभियंता की बहाली को लेकर पेच फंस गया है।
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जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर ने निर्वाचन आयोग को एक रिपोर्ट भेजी है जिसमें अधिशासी अभियंता पर निर्वाचन कार्यों में शिथिलता बरतने का आरोप लगाया है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर यूपीसीएल प्रबंधन इसकी जांच कर रहा है। एक दिन पूर्व जब अभियंता संघ के पदाधिकारियों ने प्रबंध निदेशक से अभियंताआें की बहाली को लेकर वार्ता की तो प्रबंध निदेशक ने जांच का तर्क देते हुए फिलहाल बहाली से इंकार कर दिया था। दूसरी ओर इस संबंध में जब प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा से जानकारी चाही गई तो संपर्क नहीं हो पाया।