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जमीन फ र्जीवाडे़ में तीन दशक पीछे पहुंची पुलिस
Updated Thu, 22 Feb 2018 01:56 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
सरकारी रिकार्ड में हेराफेरी की जोहड़ी ग्राम समाज की 24 बीघा भूमि कब्जाने के मामले में पुलिस ने अपनी विवेचना तीन दशक पहले जमीन के मालिक रहे लोगों के बयान से शुरू की है, ताकि पूरा सच सामने आ सके। पुलिस प्रधान दुर्गेश गौतम समेत कई लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है।
एसआईटी जांच में सरकारी रिकार्ड में छेड़छाड़ कर करीब 25 बीघा जमीन बढ़ाकर कब्जा करने का खेल उजागर हुआ था। यह सच सामने आने के बाद यह मामला सरकारी फाइलों में उलझा रहा। 10 दिन पहले एडीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार के निर्देश पर प्रधान दुर्गेश गौतम ने राजपुर थाने में विंडलास बंधुओं समेत कई के खिलाफ जालसाजी की धाराआें में मुकदमा दर्ज कराया था। एसएसपी से मुकदमे की विवेचना को सहायक पुलिस अधीक्षक निहारिका भट्ट की अगुवाई में एसओ राजपुर अरविंद कुमार और वरिष्ठ उप निरीक्षक नत्थीलाल उनियाल की टीम गठित की थी। टीम ने विवेचना की शुरूआत तीन दशक पहले से शुरू की है, ताकि यह पता लग सके कि उस समय बेची गई जमीन कितनी थी। इस जमीन के मालिक रहे दो लोगों से पुलिस ने विस्तारपूर्वक चर्चा की है।
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सरकारी रिकार्ड में हेराफेरी की जोहड़ी ग्राम समाज की 24 बीघा भूमि कब्जाने के मामले में पुलिस ने अपनी विवेचना तीन दशक पहले जमीन के मालिक रहे लोगों के बयान से शुरू की है, ताकि पूरा सच सामने आ सके। पुलिस प्रधान दुर्गेश गौतम समेत कई लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है।
एसआईटी जांच में सरकारी रिकार्ड में छेड़छाड़ कर करीब 25 बीघा जमीन बढ़ाकर कब्जा करने का खेल उजागर हुआ था। यह सच सामने आने के बाद यह मामला सरकारी फाइलों में उलझा रहा। 10 दिन पहले एडीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार के निर्देश पर प्रधान दुर्गेश गौतम ने राजपुर थाने में विंडलास बंधुओं समेत कई के खिलाफ जालसाजी की धाराआें में मुकदमा दर्ज कराया था। एसएसपी से मुकदमे की विवेचना को सहायक पुलिस अधीक्षक निहारिका भट्ट की अगुवाई में एसओ राजपुर अरविंद कुमार और वरिष्ठ उप निरीक्षक नत्थीलाल उनियाल की टीम गठित की थी। टीम ने विवेचना की शुरूआत तीन दशक पहले से शुरू की है, ताकि यह पता लग सके कि उस समय बेची गई जमीन कितनी थी। इस जमीन के मालिक रहे दो लोगों से पुलिस ने विस्तारपूर्वक चर्चा की है।
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