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कांवड यात्रा अनुभवी अफसरों के हवाले
Updated Fri, 07 Jul 2017 10:19 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
कांवड़ मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुराने धुरंधर पुलिस अफसरों की फौज उतार दी है। एएसपी, सीओ रैंक के इन अफसरों को पूरे प्रदेश दूसरी जगह से खास तौर पर कांवड़ ड्यूटी के लिए बुलाया गया है। ये वो अफसर है जो कांवड़ मेले का कई बार अनुभव रखते है, इनमें रिटायर्ड अफसर भी शामिल है।
उत्तर भारत के सबसे बड़े मेलों में शुमार कांवड़ मेले को सकुशल संपन्न कराना एक बड़ी चुनौती मानी जाती है। एक-दो नहीं बल्कि चार राज्यों की पुलिस के लिए ये अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता है। करोड़ों शिवभक्त इस यात्रा में शामिल होते है। हरिद्वार ही इस यात्रा का मुख्य केंद्र है। हर साल बड़ती शिवभक्तों की भीड़ चुनौती बन जाती है। इस चुनौती को विशेषज्ञ पुलिस अफसर काबू पाते हैं।
जैसे कि डाक कांवड़ मेले मेें बैरागी कैंप के संचालन को लेकर हो या फिर पैदल कांवड़ के दौरान हरकी पैड़ी पर भीड़ का दबाव कई गुना अधिक बढ़ने पर क्या करना है। राम प्रसाद की गली भी मुख्य प्वाइंट है। उत्तरी हरिद्वार की स्थिति पर पैनी निगाह रखी है और पार्किंग की क्या स्थिति है। ऐसे कई महत्वपूर्ण प्वाइंट है, जिनके विशेषज्ञ कई पुलिस अफसर हैं। इस बार कांवड़ मेले में रिटायर्ड पुलिस अफसर केएल शाह भी अपनी सेवा देने पहुंचे है। वे यहां एसपी रहे हैं और उनके पास बैरागी कैंप में पार्किंग शुरू कराने का एक अनुभव है, उन्हीं के कार्यकाल में इसकी शुरुआत हुई थी। सीओ सिटी रहे पंकज भट्ट इस समय एएसपी है और वे भी कांवड़ मेले को करीब से देख चुके है। एएसपी अजय सिंह, एएसपी प्रमेंद्र डोबाल, एएसपी सुरजीत सिंह पंवार, एएसपी श्वेता चौबे, एएसपी अरुण भारती भी कांवड़ में अपनी सेवाएं देंगे। कई सीओ रैंक के अफसर भी यहां पहुंचेंगे और पुराने शहर कोतवाली प्रभारी रहे निरीक्षक भी यहां बुलाए जा रहे हैं।
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हरिद्वार।
कांवड़ मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुराने धुरंधर पुलिस अफसरों की फौज उतार दी है। एएसपी, सीओ रैंक के इन अफसरों को पूरे प्रदेश दूसरी जगह से खास तौर पर कांवड़ ड्यूटी के लिए बुलाया गया है। ये वो अफसर है जो कांवड़ मेले का कई बार अनुभव रखते है, इनमें रिटायर्ड अफसर भी शामिल है।
उत्तर भारत के सबसे बड़े मेलों में शुमार कांवड़ मेले को सकुशल संपन्न कराना एक बड़ी चुनौती मानी जाती है। एक-दो नहीं बल्कि चार राज्यों की पुलिस के लिए ये अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता है। करोड़ों शिवभक्त इस यात्रा में शामिल होते है। हरिद्वार ही इस यात्रा का मुख्य केंद्र है। हर साल बड़ती शिवभक्तों की भीड़ चुनौती बन जाती है। इस चुनौती को विशेषज्ञ पुलिस अफसर काबू पाते हैं।
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जैसे कि डाक कांवड़ मेले मेें बैरागी कैंप के संचालन को लेकर हो या फिर पैदल कांवड़ के दौरान हरकी पैड़ी पर भीड़ का दबाव कई गुना अधिक बढ़ने पर क्या करना है। राम प्रसाद की गली भी मुख्य प्वाइंट है। उत्तरी हरिद्वार की स्थिति पर पैनी निगाह रखी है और पार्किंग की क्या स्थिति है। ऐसे कई महत्वपूर्ण प्वाइंट है, जिनके विशेषज्ञ कई पुलिस अफसर हैं। इस बार कांवड़ मेले में रिटायर्ड पुलिस अफसर केएल शाह भी अपनी सेवा देने पहुंचे है। वे यहां एसपी रहे हैं और उनके पास बैरागी कैंप में पार्किंग शुरू कराने का एक अनुभव है, उन्हीं के कार्यकाल में इसकी शुरुआत हुई थी। सीओ सिटी रहे पंकज भट्ट इस समय एएसपी है और वे भी कांवड़ मेले को करीब से देख चुके है। एएसपी अजय सिंह, एएसपी प्रमेंद्र डोबाल, एएसपी सुरजीत सिंह पंवार, एएसपी श्वेता चौबे, एएसपी अरुण भारती भी कांवड़ में अपनी सेवाएं देंगे। कई सीओ रैंक के अफसर भी यहां पहुंचेंगे और पुराने शहर कोतवाली प्रभारी रहे निरीक्षक भी यहां बुलाए जा रहे हैं।
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