{"_id":"5b2425904f1c1bf56e8b8375","slug":"161529095568-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उज्ज्वला योजना में 45 हजार आवेदन रद्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उज्ज्वला योजना में 45 हजार आवेदन रद्द
Updated Sat, 16 Jun 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उज्ज्वला योजना में 45 हजार आवेदन रद्द
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन लेने के लिए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की कोशिश नाकाम हो गई है। कनेक्शन की ऑनलाइन व्यवस्था होने के कारण फर्जीवाडा पकड़ा गया। जिससे राज्य में इस योजना के 45 हजार आवेदन रद्द कर दिए गए हैं।
राज्य में दो वर्षों में उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन लेने के लिए अब तक दो लाख 32 हजार आवेदन जमा किए गए हैं, जिनमें एक लाख 87 हजार आवेदकों को कनेक्शन दिया जा चुका है। बाकी को अपात्र पाए जाने पर कनेक्शन रोक दिए गए हैं। केंद्र सरकार यह योजना बीपीएल श्रेणी के परिवार की महिलाआें को मिट्टी के चूल्हे से निकलने वाले धुआं से मुक्ति दिलाने के लिए चला रही है, जिसमें लाभार्थी को मुफ्त गैस सिलिंडर और चूल्हा दिया जा रहा है।
जांच में पाया गया है कि जिन लोगों के पास पहले से कनेक्शन हैं, वे भी मुफ्त सिलिंडर और चूल्हा लेने के लिए आवेदन कर रहे हैं। जबकि इस योजना का लाभ वैसे बीपीएल परिवार को देना है जिनके पास एलपीजी कनेक्शन नहीं है। जब इस योजना की शुरुआत हुई थी तो पात्रता का आधार 2011 की जनगणना को बनाया गया था। राज्य में मई 2016 से लेकर अभी तक 45 हजार आवेदन रदद किए गए हैं। जांच में ऐसे लोगों पर पहले से गैस कनेक्शन होने के कारण उनके आवेदन रदद कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
इस संबंध में आईओसी के चीफ एरिया मैनेजर प्रभात कुमार वर्मा ने बताया कि केवाईसी के दौरान यदि किसी के पास पहले से कनेक्शन होने की पुष्टि हो जाती है तो उसका आवेदन रद्द कर दिया जाता है। इसी के तहत 45 हजार आवेदन रदद किए गए हैं।
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन लेने के लिए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की कोशिश नाकाम हो गई है। कनेक्शन की ऑनलाइन व्यवस्था होने के कारण फर्जीवाडा पकड़ा गया। जिससे राज्य में इस योजना के 45 हजार आवेदन रद्द कर दिए गए हैं।
राज्य में दो वर्षों में उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन लेने के लिए अब तक दो लाख 32 हजार आवेदन जमा किए गए हैं, जिनमें एक लाख 87 हजार आवेदकों को कनेक्शन दिया जा चुका है। बाकी को अपात्र पाए जाने पर कनेक्शन रोक दिए गए हैं। केंद्र सरकार यह योजना बीपीएल श्रेणी के परिवार की महिलाआें को मिट्टी के चूल्हे से निकलने वाले धुआं से मुक्ति दिलाने के लिए चला रही है, जिसमें लाभार्थी को मुफ्त गैस सिलिंडर और चूल्हा दिया जा रहा है।
विज्ञापन
जांच में पाया गया है कि जिन लोगों के पास पहले से कनेक्शन हैं, वे भी मुफ्त सिलिंडर और चूल्हा लेने के लिए आवेदन कर रहे हैं। जबकि इस योजना का लाभ वैसे बीपीएल परिवार को देना है जिनके पास एलपीजी कनेक्शन नहीं है। जब इस योजना की शुरुआत हुई थी तो पात्रता का आधार 2011 की जनगणना को बनाया गया था। राज्य में मई 2016 से लेकर अभी तक 45 हजार आवेदन रदद किए गए हैं। जांच में ऐसे लोगों पर पहले से गैस कनेक्शन होने के कारण उनके आवेदन रदद कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
इस संबंध में आईओसी के चीफ एरिया मैनेजर प्रभात कुमार वर्मा ने बताया कि केवाईसी के दौरान यदि किसी के पास पहले से कनेक्शन होने की पुष्टि हो जाती है तो उसका आवेदन रद्द कर दिया जाता है। इसी के तहत 45 हजार आवेदन रदद किए गए हैं।