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पदोन्नति में विसंगतियों पर मिनिस्टीरियल ऑफिसर्स एसोसिएशन ने खोला मोर्चा
Updated Wed, 30 May 2018 01:48 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
शिक्षा विभाग में प्रधान सहायक से प्रशासनिक अधिकारियों के पदों पर हुई पदोन्नति में विसंगतियों को लेकर एजुकेशन मिनिस्ट्रीयल ऑफिसर्स एसोसिएशन लामबंद हो गई है। संगठन से जुड़े कर्मचारियों ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को पत्र देकर तमाम पहलुओं पर जांच कराने की मांग की है।
एजुकेशन मिनिस्ट्रीयल ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आरोप है कि पूर्व में जबरन काउंसलिंग कराई गई थी। जबकि गढ़वाल मंडल के कर्मचारियों द्वारा काउंसिलिंग का विरोध किया गया था। नियमों में कहीं भी काउंसिलिंग का उल्लेख नहीं है। अब जबकि स्थानांतरण अधिनियम -2017 लागू हो चुका है एवं सुगम-दुर्गम का निर्धारण भी किया जा चुका है ऐसे में नीतियों के विरुद्ध स्थानांतरण किए जा रहे हैं। इसके अलावा दुर्गम क्षेत्र में नौकरी कर चुके कर्मचारियों को दूरस्थ सुगम में स्थानांतरित कर दिया है। महिलाओं को दुरूह इलाकों में भेजा जा है। कार्य करने के लिए 15 दिन के बजाय अब सात दिन का समय दिया जा रहा है। मुख्यालय के तमाम पद खाली रखे गए हैं इसका क्या औचित्य है। एजुकेशन मिनिस्टीरियल आफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा से तमाम पहलुओं पर चर्चा करने के लिए समय देने का अनुरोध किया है।
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शिक्षा विभाग में प्रधान सहायक से प्रशासनिक अधिकारियों के पदों पर हुई पदोन्नति में विसंगतियों को लेकर एजुकेशन मिनिस्ट्रीयल ऑफिसर्स एसोसिएशन लामबंद हो गई है। संगठन से जुड़े कर्मचारियों ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को पत्र देकर तमाम पहलुओं पर जांच कराने की मांग की है।
एजुकेशन मिनिस्ट्रीयल ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों का आरोप है कि पूर्व में जबरन काउंसलिंग कराई गई थी। जबकि गढ़वाल मंडल के कर्मचारियों द्वारा काउंसिलिंग का विरोध किया गया था। नियमों में कहीं भी काउंसिलिंग का उल्लेख नहीं है। अब जबकि स्थानांतरण अधिनियम -2017 लागू हो चुका है एवं सुगम-दुर्गम का निर्धारण भी किया जा चुका है ऐसे में नीतियों के विरुद्ध स्थानांतरण किए जा रहे हैं। इसके अलावा दुर्गम क्षेत्र में नौकरी कर चुके कर्मचारियों को दूरस्थ सुगम में स्थानांतरित कर दिया है। महिलाओं को दुरूह इलाकों में भेजा जा है। कार्य करने के लिए 15 दिन के बजाय अब सात दिन का समय दिया जा रहा है। मुख्यालय के तमाम पद खाली रखे गए हैं इसका क्या औचित्य है। एजुकेशन मिनिस्टीरियल आफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा से तमाम पहलुओं पर चर्चा करने के लिए समय देने का अनुरोध किया है।
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