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मेडिकल कालेजों में फीस वृद्धि के खिलाफ अभिभावक लामबंद
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं से वसूली जा रही फीस को लेकर उत्तराखंड मेडिकल छात्र-अभिभावक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ संरक्षक और भाजपा नेता रवींद्र जुगरान ने पत्रकार वार्ता कर आरोप लगाया कि उत्तराखंड में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं से सालाना चार लाख रुपये फीस वसूली जा रही है। जबकि उत्तर प्रदेश में यह फीस मात्र पांच हजार रुपये सालाना है।
रविवार को आयोजित पत्रकारवार्ता में जुगरान ने बताया कि केजीएमसी लखनऊ, मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज इलाहाबाद और बीएचयू वाराणसी में मेडिकल की पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं से सालाना मात्र पांच हजार रुपये फीस ली जाती है। निजी मेडिकल कॉलेजों में यह आंकड़ा 10 लाख रुपये से भी कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई महंगी करने से गरीब छात्र इस पढ़ाई को नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार फीस कम करने के लिए कारगर कदम उठाएं। इस संबंध में जल्द मुख्यमंत्री और चिकित्सा शिक्षा सचिव समेत आला अधिकारियों से मुलाकात की जाएगी। पत्रकार वार्ता में संघ से जुड़े कई पदाधिकारी और अभिभावक मौजूद रहे।
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देहरादून। राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं से वसूली जा रही फीस को लेकर उत्तराखंड मेडिकल छात्र-अभिभावक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ संरक्षक और भाजपा नेता रवींद्र जुगरान ने पत्रकार वार्ता कर आरोप लगाया कि उत्तराखंड में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं से सालाना चार लाख रुपये फीस वसूली जा रही है। जबकि उत्तर प्रदेश में यह फीस मात्र पांच हजार रुपये सालाना है।
रविवार को आयोजित पत्रकारवार्ता में जुगरान ने बताया कि केजीएमसी लखनऊ, मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज इलाहाबाद और बीएचयू वाराणसी में मेडिकल की पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं से सालाना मात्र पांच हजार रुपये फीस ली जाती है। निजी मेडिकल कॉलेजों में यह आंकड़ा 10 लाख रुपये से भी कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई महंगी करने से गरीब छात्र इस पढ़ाई को नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार फीस कम करने के लिए कारगर कदम उठाएं। इस संबंध में जल्द मुख्यमंत्री और चिकित्सा शिक्षा सचिव समेत आला अधिकारियों से मुलाकात की जाएगी। पत्रकार वार्ता में संघ से जुड़े कई पदाधिकारी और अभिभावक मौजूद रहे।
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