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तहसील प्रशासन के खिलाफ गरजे ग्रामीण
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ब्यूरो,अमर उजाला/विकासनगर
तहसील प्रशासन की ओर से ढकरानी, ढालीपुर और नवाबगढ़ में करीब साढ़े सात सौ मकानों, दुकानों को अवैध करार देते हुए खाली करने का फरमान जारी करने से गुस्साए ग्रामीणों ने बुधवार को ढकरानी कोर्ट रोड पर प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का आरोप है कि साजिश के तहत उन्हें बेघर किया जा रहा है। प्रशासन ने उनके मकानों पर लाल निशान लगाकर उन्हें ध्वस्त करने की चेतावनी दी है।
प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठे ग्रामीणों ने बताया कि बताया कि दैनिक मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करने वाले मजदूरों ने मुश्किल से परिवार को छत मुहैया कराने के लिए मकान बनाए। मकान बनाकर रहने वाले ग्रामीणों को सरकार की ओर से ही बिजली और पानी के कनेक्शन मुहैया कराए गए हैं। सभी परिवारों के पास राशन कार्ड और फोटो पहचान पत्र भी हैं। कहा कि प्रशासन और उत्तराखंड जल विद्युत निगम मिलकर गरीब मजदूरों को परेशान कर रहा है। आरोप लगाया कि शक्तिनहर किनारे सैकड़ों बीघा सरकारी जमीन पर अवैध तौर पर बहुमंजिला इमारतें बनी हुई हैं और कई जगहों पर खाली पड़ी जमीन पर भूमाफिया ने अवैध कब्जा किया हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके मकानों को ध्वस्त किए जाने बाद उनके सामने परिवार को छत मुहैया कराने का संकट पैदा हो जाएगा। धरना प्रदर्शन करने वालों में शगुन, गफ्फूर, भूरा, नजीर, शब्बीर, मो. आशिक, चेन बाना, ताशीन, रूबीना, सुरती देवी, सरिता, विद्या देवी, राजेश, दीन मोहम्मद, फिरोज, जैतून, किरन, शकीला आदि शामिल रहे।
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तहसील प्रशासन की ओर से ढकरानी, ढालीपुर और नवाबगढ़ में करीब साढ़े सात सौ मकानों, दुकानों को अवैध करार देते हुए खाली करने का फरमान जारी करने से गुस्साए ग्रामीणों ने बुधवार को ढकरानी कोर्ट रोड पर प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का आरोप है कि साजिश के तहत उन्हें बेघर किया जा रहा है। प्रशासन ने उनके मकानों पर लाल निशान लगाकर उन्हें ध्वस्त करने की चेतावनी दी है।
प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठे ग्रामीणों ने बताया कि बताया कि दैनिक मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करने वाले मजदूरों ने मुश्किल से परिवार को छत मुहैया कराने के लिए मकान बनाए। मकान बनाकर रहने वाले ग्रामीणों को सरकार की ओर से ही बिजली और पानी के कनेक्शन मुहैया कराए गए हैं। सभी परिवारों के पास राशन कार्ड और फोटो पहचान पत्र भी हैं। कहा कि प्रशासन और उत्तराखंड जल विद्युत निगम मिलकर गरीब मजदूरों को परेशान कर रहा है। आरोप लगाया कि शक्तिनहर किनारे सैकड़ों बीघा सरकारी जमीन पर अवैध तौर पर बहुमंजिला इमारतें बनी हुई हैं और कई जगहों पर खाली पड़ी जमीन पर भूमाफिया ने अवैध कब्जा किया हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके मकानों को ध्वस्त किए जाने बाद उनके सामने परिवार को छत मुहैया कराने का संकट पैदा हो जाएगा। धरना प्रदर्शन करने वालों में शगुन, गफ्फूर, भूरा, नजीर, शब्बीर, मो. आशिक, चेन बाना, ताशीन, रूबीना, सुरती देवी, सरिता, विद्या देवी, राजेश, दीन मोहम्मद, फिरोज, जैतून, किरन, शकीला आदि शामिल रहे।
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