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कई वन अफसरों-कर्मचारियों पर गिर सकती है गाज

Sun, 23 Jun 2019 01:48 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jun 2019 01:48 AM IST
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कई वन अफसरों-कर्मचारियों पर गिर सकती है गाज
कई वन अफसरों-कर्मचारियों पर गिर सकती है गाज
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 21 दैनिक श्रमिकों को स्थायी नौकरी दिए जाने व बाद में उनकी सेवाएं समाप्त किए जाने के मामले में प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने रिपोर्ट तलब की है। प्रमुख सचिव वन की ओर से संज्ञान लिए जाने के बाद अब वन निदेशालय में इसे लेकर हलचल तेज हो गई। भर्ती प्रकरण में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को नौकरी तक जाने का डर सता रहा है। निदेशालय में प्रकरण को लेकर तमाम चर्चाएं हैं।
साल 2015 में राजाजी टाइगर रिजर्व में कार्यरत के 21 दैनिक श्रमिकों ने स्थायी नौकरी का आवेदन किया, लेकिन तत्कालीन पार्क निदेशक सनातन सोनकर ने नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। इस पर दैनिक श्रमिकाें ने अदालत की शरण ली। अदालत ने आदेश जारी किया कि सरकार इस संबंध में अपने स्तर पर उचित निर्णय लें। आखिरकार तत्कालीन अपर मुख्य सचिव वन डॉ. रणवीर सिंह ने पार्क निदेशक सनातन सोनकर की अध्यक्षता में ही एक जांच समिति गठित कर जांच करने और उचित कार्रवाई करने की बात कही। जब निदेशक ने जांच की तो तमाम दैनिक श्रमिकों ने स्थायी नियुक्ति के लिए जो दस्तावेज व साक्ष्य प्रस्तुत किए वे गलत पाए गए। जांच में यह बात सामने आई कि पार्क के तत्कालीन तीन ने श्रमिकों से मिलीभगत करके सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी कर कागजात सौंपे थे।
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सोनकर की जांच में यह बात सामने आई कि सभी 21 दैनिक श्रमिकों ने पार्क मेें कभी काम ही नहीं किया और उनका एक ही माह में दो साल का बाउचर चार्ज कर दिया। जांच में यह भी सामने आया कि कई दैनिक श्रमिक स्कूल में पढ़ाई करने के साथ ही पार्क में काम करते दस्तावेजों में दिखाए गए हैं। इतना ही नहीं नियमों के सामयिक कर्मकार की सूची में दैनिक श्रमिकोें को तभी शामिल किया जाता है जबकि वे तीन साल तक बतौर दैनिक श्रमिक काम किए हों लेकिन कई श्रमिकों में महज एक या दो साल में सामयिक कर्मकार का दर्जा दे दिया गया। जबकि किसी भी श्रमिक ने कभी पार्क में काम ही नहीं किया।
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अब इस प्रकरण में प्रमुख सचिव वन आनंदवर्धन ने प्रमुख वन संरक्षक को पत्र भेजकर कहा है कि वे उन अधिकारियों, कर्मचारियोें के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करें जिन्होंने दैनिक श्रमिकों को बतौर वन रक्षक भर्ती कराने को लेकर हेराफेरी की। इस संबंध में जब प्रमुख वन संरक्षक जयराज से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि प्रकरण की विस्तृत जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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