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पर्यटकों से गुलजार जौनसार के पर्यटन स्थल
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
चकराता। गर्मी से निजात पाने के लिए इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटक जौनसार बावर के पर्यटन स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। शिक्षण संस्थानों में ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते देश के कई प्रांतों से परिवार के साथ लोग जौनसार पहुंच रहे हैं। देर शाम तक बाजारों में रौनक रहने से व्यापारियों के चेहरे भी खिले हुए हैं।
होटलों और सरकारी गेस्ट हाउस के साथ ही कुछ पर्यटक होम स्टे योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भी रात्रि विश्राम के लिए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय संस्कृति का भी प्रचार-प्रसार हो रहा है। पर्यटक मौज-मस्ती के साथ ही यहां मनोहारी नजारों को कैमरे में करने में लगे हुए हैं। दिल्ली से आए पर्यटक संदीप शरण, देवकर्ण, पंजाब की बलजीत कौर, हरचरण सिंह, हरियाणा के शिवांग हुड्डा, मंजीत ने बताया कि वे पिछले तीन दिनों से चकराता क्षेत्र में हैं। शहर की आपाधापी भरी जीवन शैली से यहां की प्राकृतिक वादियों में आने से राहत मिली है। साथ ही देव स्थलों पर जाने से आध्यात्मिक शांति मिल रही है।
क्षेत्र के होटल व्यवसायी अमित जोशी, दिनेश चांदना, बिट्टू चौहान, नवनीत जैन, रोहन राणा, पीयुष जोशी आदि का कहना है कि इस साल पर्यटकों की आमद अच्छी है। लंबे समय से व्यापार मंदा चल रहा था। मई से शुरू हुआ पर्यटकों का आवागमन जून माह में काफी बढ़ा है। इससे भारी संख्या में पर्यटकों के आने से बाजारों में चहल पहल है। साथ ही पर्यटन स्थल भी पर्यटकों से गुलजार हैं।
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क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थल
पर्यटन स्थल चकराता, लोखंडी, देववन, टाइगर फाल, मुंडाली, बुधेर, कोटी-कनासर, ठाणा डांडा, रामताल गार्डन, नागथात, चुरानी और धार्मिक स्थल हनोल, लाखामंडल, सिमोग, लखवाड़, बिसोई, थैना व लकस्या मंदिरों में आजकल पर्यटकों का तांता है। पर्यटक यहां के मनोहारी नजारों के साथ ही लोक संस्कृति से भी आकर्षित हो रहे हैं।
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चकराता। गर्मी से निजात पाने के लिए इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटक जौनसार बावर के पर्यटन स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। शिक्षण संस्थानों में ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते देश के कई प्रांतों से परिवार के साथ लोग जौनसार पहुंच रहे हैं। देर शाम तक बाजारों में रौनक रहने से व्यापारियों के चेहरे भी खिले हुए हैं।
होटलों और सरकारी गेस्ट हाउस के साथ ही कुछ पर्यटक होम स्टे योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भी रात्रि विश्राम के लिए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय संस्कृति का भी प्रचार-प्रसार हो रहा है। पर्यटक मौज-मस्ती के साथ ही यहां मनोहारी नजारों को कैमरे में करने में लगे हुए हैं। दिल्ली से आए पर्यटक संदीप शरण, देवकर्ण, पंजाब की बलजीत कौर, हरचरण सिंह, हरियाणा के शिवांग हुड्डा, मंजीत ने बताया कि वे पिछले तीन दिनों से चकराता क्षेत्र में हैं। शहर की आपाधापी भरी जीवन शैली से यहां की प्राकृतिक वादियों में आने से राहत मिली है। साथ ही देव स्थलों पर जाने से आध्यात्मिक शांति मिल रही है।
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क्षेत्र के होटल व्यवसायी अमित जोशी, दिनेश चांदना, बिट्टू चौहान, नवनीत जैन, रोहन राणा, पीयुष जोशी आदि का कहना है कि इस साल पर्यटकों की आमद अच्छी है। लंबे समय से व्यापार मंदा चल रहा था। मई से शुरू हुआ पर्यटकों का आवागमन जून माह में काफी बढ़ा है। इससे भारी संख्या में पर्यटकों के आने से बाजारों में चहल पहल है। साथ ही पर्यटन स्थल भी पर्यटकों से गुलजार हैं।
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क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थल
पर्यटन स्थल चकराता, लोखंडी, देववन, टाइगर फाल, मुंडाली, बुधेर, कोटी-कनासर, ठाणा डांडा, रामताल गार्डन, नागथात, चुरानी और धार्मिक स्थल हनोल, लाखामंडल, सिमोग, लखवाड़, बिसोई, थैना व लकस्या मंदिरों में आजकल पर्यटकों का तांता है। पर्यटक यहां के मनोहारी नजारों के साथ ही लोक संस्कृति से भी आकर्षित हो रहे हैं।