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खुद पर भरोसा कर अपनी तर्कशक्ति को बढ़ाएं छात्र
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए छात्र-छात्राओं के लिए सरकारी विद्यालयों में शुक्रवार को मन की चिंता विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें छात्रों और अभिभावकों को अपेक्षा के अनुरूप परिणाम नहीं मिलने पर तनाव से ग्रसित नहीं होने की सलाह दी गई। शिक्षकों ने छात्रों को बताया कि जटिलता महज तब तक होती है, जब तक हम किसी बात को समझ नहीं पाते। खुद पर भरोसा करते हुए अपनी जानकारी और तर्कशक्ति को बढ़ाएं, लेकिन अपने दिल की सच्ची बात भी जरूर सुनें।
ब्लॉक के दूरस्थ राजकीय हाईस्कूल मदर्सू में प्रधानाचार्य आरपी अग्रवाल ने कहा कि जो गुजरे हुए कल के गीत नहीं गाता और आज को बेहतरीन बनाने के प्रयास में लगा रहता है, सफलता उसी के कदम चूमती है। हर ऐतिहासिक कामयाबी की शुरुआत असफलता से होती है, लिहाजा इससे घबराना नहीं चाहिए। उन्होंने छात्रों को बताया कि मानसिक दबावों से बाहर निकल कर नजरिया बनाएं कि हमें हर हाल में सफल होना है। प्रयोगों से घबराएं नहीं, अगले किसी प्रयोग में सफलता जरूर मिलेगी।
आशा राम वैदिक इंटर कॉलेज और जैन बालिका इंटर कॉलेज में भी छात्र-छात्राओं को अपेक्षा के अनुरूप परिणाम नहीं आने पर खुद को सयंमित रखने की सलाह दी गई। शिक्षकों ने छात्रों को असफलता से घबराने के बजाय उसे सफलता की पहली सीढ़ी मानने की सलाह दी। कहा कि किसी भी काम को शुरू करने से पहले छात्र उससे संबंधित अपने सकारात्मक और नकारात्मक विचारों को कागज पर लिखकर स्वयं मूल्यांकन करें।
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इस दौरान अनिल नेगी, सुषमा सिंह, पूजा ध्यानी, अलका रानी, पूजा रानी, ज्योति आदि मौजूद रहे।
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बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए छात्र-छात्राओं के लिए सरकारी विद्यालयों में शुक्रवार को मन की चिंता विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें छात्रों और अभिभावकों को अपेक्षा के अनुरूप परिणाम नहीं मिलने पर तनाव से ग्रसित नहीं होने की सलाह दी गई। शिक्षकों ने छात्रों को बताया कि जटिलता महज तब तक होती है, जब तक हम किसी बात को समझ नहीं पाते। खुद पर भरोसा करते हुए अपनी जानकारी और तर्कशक्ति को बढ़ाएं, लेकिन अपने दिल की सच्ची बात भी जरूर सुनें।
ब्लॉक के दूरस्थ राजकीय हाईस्कूल मदर्सू में प्रधानाचार्य आरपी अग्रवाल ने कहा कि जो गुजरे हुए कल के गीत नहीं गाता और आज को बेहतरीन बनाने के प्रयास में लगा रहता है, सफलता उसी के कदम चूमती है। हर ऐतिहासिक कामयाबी की शुरुआत असफलता से होती है, लिहाजा इससे घबराना नहीं चाहिए। उन्होंने छात्रों को बताया कि मानसिक दबावों से बाहर निकल कर नजरिया बनाएं कि हमें हर हाल में सफल होना है। प्रयोगों से घबराएं नहीं, अगले किसी प्रयोग में सफलता जरूर मिलेगी।
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आशा राम वैदिक इंटर कॉलेज और जैन बालिका इंटर कॉलेज में भी छात्र-छात्राओं को अपेक्षा के अनुरूप परिणाम नहीं आने पर खुद को सयंमित रखने की सलाह दी गई। शिक्षकों ने छात्रों को असफलता से घबराने के बजाय उसे सफलता की पहली सीढ़ी मानने की सलाह दी। कहा कि किसी भी काम को शुरू करने से पहले छात्र उससे संबंधित अपने सकारात्मक और नकारात्मक विचारों को कागज पर लिखकर स्वयं मूल्यांकन करें।
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इस दौरान अनिल नेगी, सुषमा सिंह, पूजा ध्यानी, अलका रानी, पूजा रानी, ज्योति आदि मौजूद रहे।