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अकीदतमंदों ने मांगी अमन चैन की दुआ
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर।
रमजान के तीसरे जुमे पर मस्जिदों में अकीदतमंदों की खासी भीड़ रही। अकीदतमंदों ने नमाज अदा कर अमन-चैन की दुआ मांगी। मुख्य बाजार स्थित ईदगाह सहित अन्य मस्जिदों में नमाजियों ने खुदा के सदके में सिर झुकाए।
मस्जिदे अक्शा कलां जीवनगढ़ खास के मुफ्ती मो. तकी ने कहा कि रमजान में दान-पुण्य और परोपकार करने वाले पर खुदा मेहरबान होते हैं। हम सभी को अपनी कमाई का एक हिस्सा गरीबों और बेबस लोगों की भलाई के लिए दान करना चाहिए। कहा कि रमजान के महीने में इबादत करने वाले को 70 गुना सवाब मिलता है। मुफ्ती ने कहा रमजान का महीना साहिबे माल के लिए इम्तिहान का महीना है। अल्लाह अपने नेक बंदों की परीक्षा भी लेता है। उन्होंने कहा कि अल्ला ताला से अपने गुनाह की माफी मांग कर जिंदगी को साफ सुथरा बनाने की कोशिश करनी चाहिए।
रोजों के रहतमाम के साथ साथ अपने मामलात और अपने अखलाक को भी अच्छा बनाने की कोशिश करें। अच्छा मुसलमान वही है, जिसकी इबादत के साथ-साथ मामलात और मुआइशरत भी अच्छी है। अंबाड़ी, विकासनगर, ढालीपुर, ढकरानी, कुंजा, कुंजाग्रांट, सहसपुर, रामपुर कलां में भी रोजेदारों ने नमाज अदा कर अमन चैन की दुआ मांगी।
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रमजान के तीसरे जुमे पर मस्जिदों में अकीदतमंदों की खासी भीड़ रही। अकीदतमंदों ने नमाज अदा कर अमन-चैन की दुआ मांगी। मुख्य बाजार स्थित ईदगाह सहित अन्य मस्जिदों में नमाजियों ने खुदा के सदके में सिर झुकाए।
मस्जिदे अक्शा कलां जीवनगढ़ खास के मुफ्ती मो. तकी ने कहा कि रमजान में दान-पुण्य और परोपकार करने वाले पर खुदा मेहरबान होते हैं। हम सभी को अपनी कमाई का एक हिस्सा गरीबों और बेबस लोगों की भलाई के लिए दान करना चाहिए। कहा कि रमजान के महीने में इबादत करने वाले को 70 गुना सवाब मिलता है। मुफ्ती ने कहा रमजान का महीना साहिबे माल के लिए इम्तिहान का महीना है। अल्लाह अपने नेक बंदों की परीक्षा भी लेता है। उन्होंने कहा कि अल्ला ताला से अपने गुनाह की माफी मांग कर जिंदगी को साफ सुथरा बनाने की कोशिश करनी चाहिए।
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रोजों के रहतमाम के साथ साथ अपने मामलात और अपने अखलाक को भी अच्छा बनाने की कोशिश करें। अच्छा मुसलमान वही है, जिसकी इबादत के साथ-साथ मामलात और मुआइशरत भी अच्छी है। अंबाड़ी, विकासनगर, ढालीपुर, ढकरानी, कुंजा, कुंजाग्रांट, सहसपुर, रामपुर कलां में भी रोजेदारों ने नमाज अदा कर अमन चैन की दुआ मांगी।
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