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डेंगू से निपटने के लिए निजी चिकित्सक की मदद लेगा विभाग
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डेंगू से निपटने के लिए निजी चिकित्सक की मदद लेगा विभाग
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य महकमा निजी चिकित्सक की भी मदद लेगा। इसके लिए जल्द ही पैथोलॉजी संचालकों और चिकित्सकों के साथ बैठक की जाएगी। इस संबंध में सभी जनपदों में बैठक की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इसके साथ ही उन सभी मरीजों की रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है, जो सीधे प्राइवेट अस्पताल में जाते हैं।
सोमवार को स्वास्थ्य महानिदेशालय में बैठक के दौरान निदेशक एमएचएम डॉ. अंजलि नौटियाल ने निजी चिकित्सकों की सहभागिता पर खासा जोर दिया। उन्होंने सभी जनपदों में आईएमए निजी पैथोलॉजी व रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिसनर के साथ जल्द बैठक करने के निर्देश दिए हैं ताकि डेंगू मलेरिया के लिए अनुमन्य उपचार व जांच के मानकों के बारे में उन्हें समय से जानकारी दी जा सके। इसके साथ ही स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमिता उप्रेती ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समय पर बजट व अन्य संसाधनों के विषय में प्रस्ताव तैयार कर महानिदेशालय को प्रस्तुत कर दें, ताकि शासन से विचार विमर्श के बाद मांग के अनुसार धनराशि उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने सभी जिला वेक्टर जनित रोग अधिकारियों को समय से अपने जिलाधिकारियों के साथ नियमित रूप से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि नगर निगम, शिक्षा विभाग व अन्य विभागों के सहयोग से मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को चिन्हित कर उनका लार्वा समाप्त किया जाए।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य महकमा निजी चिकित्सक की भी मदद लेगा। इसके लिए जल्द ही पैथोलॉजी संचालकों और चिकित्सकों के साथ बैठक की जाएगी। इस संबंध में सभी जनपदों में बैठक की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इसके साथ ही उन सभी मरीजों की रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है, जो सीधे प्राइवेट अस्पताल में जाते हैं।
सोमवार को स्वास्थ्य महानिदेशालय में बैठक के दौरान निदेशक एमएचएम डॉ. अंजलि नौटियाल ने निजी चिकित्सकों की सहभागिता पर खासा जोर दिया। उन्होंने सभी जनपदों में आईएमए निजी पैथोलॉजी व रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिसनर के साथ जल्द बैठक करने के निर्देश दिए हैं ताकि डेंगू मलेरिया के लिए अनुमन्य उपचार व जांच के मानकों के बारे में उन्हें समय से जानकारी दी जा सके। इसके साथ ही स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमिता उप्रेती ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समय पर बजट व अन्य संसाधनों के विषय में प्रस्ताव तैयार कर महानिदेशालय को प्रस्तुत कर दें, ताकि शासन से विचार विमर्श के बाद मांग के अनुसार धनराशि उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने सभी जिला वेक्टर जनित रोग अधिकारियों को समय से अपने जिलाधिकारियों के साथ नियमित रूप से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि नगर निगम, शिक्षा विभाग व अन्य विभागों के सहयोग से मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को चिन्हित कर उनका लार्वा समाप्त किया जाए।
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