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मार्ग पर डामरीकरण नहीं होने से परेशानी
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
चकराता। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत दावांपुल-मिंडाल मोटर मार्ग का डामरीकरण नहीं होने से मार्ग पर सफर करने वाले आधा दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण कई बार लोक निर्माण विभाग से मार्ग का डामरीकरण कराने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
स्थानीय निवासी मोहन सिंह नेगी, सुुरेश, मान सिंह, सचिन, वीरेंद्र नेगी, मुकेश नेगी, संतराम, सरदार सिंह, चमन सिंह, सब्बल सिंह, मेहर सिंह आदि ने बताया कि वर्ष 2011 में तीन किमी लंबे दावांपुल-मिंडाल मोटर मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, जो उसी वर्ष पूरा हो गया था। लेकिन, निर्माण कार्य के नाम पर लोनिवि ने सिर्फ कटिंग का काम ही किया है। डामरीकरण और समतलीकरण नहीं होने से ग्रामीण ऊबड़-खाबड़ मार्ग पर खतरों भरा सफर कर रहे हैं। जबकि, इस मार्ग से मिंडाल, जोगियो, कुराड़, खनाड़, सिचाड़, समोग, मंझगांव आदि की तीन हजार की आबादी सफर करती है। बताया कि मार्ग कई जगहों पर संकरा है और मार्ग पर गड्ढे भी हैं, जिसके कारण कई बार दुर्घटनाएं भी चुकी हैं। बरसात में मार्ग पर मलबा आने के साथ ही मार्ग कई जगहों से धंस जाता है, जिससे इस मार्ग पर सफर करना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने मार्ग का डामरीकरण करने की मांग की है। उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता बीडी भट्ट ने कहा कि मार्ग के डामरीकरण और सुधारीकरण का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
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चकराता। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत दावांपुल-मिंडाल मोटर मार्ग का डामरीकरण नहीं होने से मार्ग पर सफर करने वाले आधा दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण कई बार लोक निर्माण विभाग से मार्ग का डामरीकरण कराने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
स्थानीय निवासी मोहन सिंह नेगी, सुुरेश, मान सिंह, सचिन, वीरेंद्र नेगी, मुकेश नेगी, संतराम, सरदार सिंह, चमन सिंह, सब्बल सिंह, मेहर सिंह आदि ने बताया कि वर्ष 2011 में तीन किमी लंबे दावांपुल-मिंडाल मोटर मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, जो उसी वर्ष पूरा हो गया था। लेकिन, निर्माण कार्य के नाम पर लोनिवि ने सिर्फ कटिंग का काम ही किया है। डामरीकरण और समतलीकरण नहीं होने से ग्रामीण ऊबड़-खाबड़ मार्ग पर खतरों भरा सफर कर रहे हैं। जबकि, इस मार्ग से मिंडाल, जोगियो, कुराड़, खनाड़, सिचाड़, समोग, मंझगांव आदि की तीन हजार की आबादी सफर करती है। बताया कि मार्ग कई जगहों पर संकरा है और मार्ग पर गड्ढे भी हैं, जिसके कारण कई बार दुर्घटनाएं भी चुकी हैं। बरसात में मार्ग पर मलबा आने के साथ ही मार्ग कई जगहों से धंस जाता है, जिससे इस मार्ग पर सफर करना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने मार्ग का डामरीकरण करने की मांग की है। उधर, लोनिवि के अधिशासी अभियंता बीडी भट्ट ने कहा कि मार्ग के डामरीकरण और सुधारीकरण का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
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