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पुलिया ध्वस्त होने से मुश्किल हुई आस्था की डगर

Sun, 14 Apr 2019 02:07 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 14 Apr 2019 02:07 AM IST
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पुलिया ध्वस्त होने से मुश्किल हुई आस्था की डगर
ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
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कालसी ब्लॉक के छह गांवों को आपस में जोड़ने के लिए सई गाड पर बनी पुलिया के ध्वस्त होने से ग्रामीणों का संपर्क टूट हुआ है। इसके अलावा 16 अप्रैल को बिस्सू पर्व पर मसराड़ स्थित शिलगुर देवता मंदिर में देव दर्शन की डगर भी मुश्किल हो गई है। बिस्सू पर्व पर मंदिर में 12 गांवों के ग्रामीण देव दर्शन को पहुंचते हैं।
कालसी ब्लॉक अंतर्गत सई गाड पर बनी पुलिया से ललऊ, गड़ैैथा, हमरोऊ, गौथान, मथेऊ के ग्रामीण आवागमन करते हैं। छह गांवों को एक दूसरे से जोड़ने का माध्यम यही पुलिया है। जर्जर पुलिया कुछ दिन पूर्व ध्वस्त हो गई थी। इससे ग्रामीणों का आपस में संपर्क टूट गया है। साथ ही मसराड़ स्थित शिलगुर मंदिर जाने के लिए भी ग्रामीण इसी पुलिया से गुजरते हैं। स्थानीय ग्रामीण प्रताप सिंह, विमला देवी, श्याम सिंह, खेम सिंह, इंदर सिंह, सुनील सिंह, चमन सिंह, महिपाल, कपिल चौहान, अतर सिंह, सुंदर सिंह चौहान, पूरण सिंह ने बताया कि कई बार जर्जर पुलिया की मरम्मत की मांग स्थानीय प्रशासन से की गई। पुलिया के ध्वस्त होने से ग्रामीणों मंदिर तक पहुंचने में मुश्किल हो गई है। इसी पुलिया से होकर ग्रामीण बरसाती नाले के दूसरी ओर खेत में काश्तकारी के लिए जाते हैं। पुलिया ध्वस्त होने से बरसात के तीन महीनों में ग्रामीणों के सामने खेत तक जाने का संकट भी पैदा हो गया है। इसके अलावा 16 अप्रैल को बिस्सू पर्व पर मसराड़ स्थित शिलगुर देवता मंदिर जाने के लिए पहले ग्रामीणों को कालसी जाना पड़ेगा जहां से साहिया होते हुए मंदिर पहुंचना होगा। ऐसे में ग्रामीणों को 30 से 40 किमी की अतिरिक्त दूरी नापनी पड़ेगी।
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पुलिया वर्ष 2013 की आपदा में क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद से ही ग्रामीण मरम्मत की मांग कर रहे थे, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। पुलिया ध्वस्त होने से बरसात के तीन माह ग्रामीण अपने नाते रिश्तेदारों का हाल चाल जानने भी नहीं जा सकते हैं।
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-अजय, स्थानीय निवासी
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पुलिया के टूटने से छह गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया है। बरसात में ग्रामीणों को दैनिक उपयोग का सामान लाने के लिए भी 30 किमी की दूरी नापनी पड़ती है। सबसे अधिक परेशानी छात्र-छात्राओं को होती है। इसके अलावा बरसात में जान जोखिम में डालकर विद्यालयों को जाना पड़ता है।

-सुंदर चौहान, स्थानीय निवासी
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पुलिया टूटने से बिस्सू महापर्व पर मसराड़ स्थित शिलगुुर मंदिर जाने में ग्रामीणों को परेशानी होगी। इसके साथ ही बरसात के तीन महीनों में ग्रामीणों का आवागमन ठप हो जाएगा। गांव में किसी के बीमार पड़ने पर उसे अस्पताल तक पहुंचाने के लिए 30 से 40 किमी के करीब अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
-कपिल चौहान, स्थानीय निवासी
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सई गाड पर बनी पुलिया के पुनर्निमाण के लिए दैवीय आपदा मद में प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से कार्रवाई का इंतजार है।
-वीपी खंडूड़ी, बीडीओ कालसी
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