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पेयजल संकट से जूझ रहे 80 परिवार
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
नवाबगढ़ पंचायत की नई यमुना बस्ती में पेयजल लाइन नहीं बिछाए जाने से 80 परिवारों को पेयजल संकट से जूझना पउ़ रहा है। मंगलवार को स्थानीय लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पेयजल सुविधा मुहैया कराने की मांग की।
ज्ञापन में बताया कि नई यमुना बस्ती में 80 परिवारों में 400 के करीब आबादी निवास कर रही है। 10 वर्ष पूर्व बस्ती की स्थापना के दौरान ही जल संस्थान को पेयजल लाइन बिछाने के लिए लिखित सूचना दी गई थी। दो वर्ष पूर्व क्षेत्रीय विधायक ने भी जल संस्थान को बस्ती में पेयजल सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बताया कि पेयजल लाइन नहीं बिछी होने से बस्ती के लोग नहर का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इससे कई बार बस्ती में संक्रामक रोग फैल जाते हैं। बस्ती के सभी परिवार दैनिक मजदूरी कर भरण पोषण कर रहे हैं। आर्थिक तौर पर कमजोर तबके के परिवार हर रोज दैनिक मजदूरी छोड़ कर जल संस्थान और अन्य सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने में भी असमर्थ हैं। बताया कि मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना सरकार का काम है, लेकिन सरकार और प्रशासन गरीब परिवारों की समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर बस्ती में पेयजल सुविधा मुहैया कराने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में अरविंद शर्मा, सुशील कुक्की, नफीस अहमद, मेंढकी देवी, सांगरी देवी, फरीदा, साइना, बबलू, बेगम नसई, मूसा आदि शामिल रहे।
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नवाबगढ़ पंचायत की नई यमुना बस्ती में पेयजल लाइन नहीं बिछाए जाने से 80 परिवारों को पेयजल संकट से जूझना पउ़ रहा है। मंगलवार को स्थानीय लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पेयजल सुविधा मुहैया कराने की मांग की।
ज्ञापन में बताया कि नई यमुना बस्ती में 80 परिवारों में 400 के करीब आबादी निवास कर रही है। 10 वर्ष पूर्व बस्ती की स्थापना के दौरान ही जल संस्थान को पेयजल लाइन बिछाने के लिए लिखित सूचना दी गई थी। दो वर्ष पूर्व क्षेत्रीय विधायक ने भी जल संस्थान को बस्ती में पेयजल सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बताया कि पेयजल लाइन नहीं बिछी होने से बस्ती के लोग नहर का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इससे कई बार बस्ती में संक्रामक रोग फैल जाते हैं। बस्ती के सभी परिवार दैनिक मजदूरी कर भरण पोषण कर रहे हैं। आर्थिक तौर पर कमजोर तबके के परिवार हर रोज दैनिक मजदूरी छोड़ कर जल संस्थान और अन्य सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने में भी असमर्थ हैं। बताया कि मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना सरकार का काम है, लेकिन सरकार और प्रशासन गरीब परिवारों की समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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स्थानीय लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर बस्ती में पेयजल सुविधा मुहैया कराने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में अरविंद शर्मा, सुशील कुक्की, नफीस अहमद, मेंढकी देवी, सांगरी देवी, फरीदा, साइना, बबलू, बेगम नसई, मूसा आदि शामिल रहे।
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