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उच्च शिक्षा में गुणवता सुधारने की जरूरत
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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
वीर शहीद केसरी चंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डाकपत्थर में उच्च शिक्षा में गुणवत्ता शिक्षा के निरंतर मूल्यांकन एवं आईक्यूएसी की भूमिका विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला बुधवार को संपन्न हुई। कार्यशाला के अंतिम दिन उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधारने की जरूरत पर जोर दिया गया।
मुख्य वक्ता गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. एमएसएम रावत ने बताया कि उच्च शिक्षा में विश्व स्तरीय गुणवत्ता लाकर ही देश के युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सकता है। कहा कि वर्तमान में आईटी के क्षेत्र में पूरे विश्व में भारत के युवा अपना परचम लहरा रहे हैं। लेकिन, उन्हें ऐसा माहौल दिए जाने की जरूरत है जिससे वे अपनी प्रतिभा का उपयोग भारत में ही रहकर कर सकें। जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. एमसी नौटियाल ने भारत में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाते हुए क्वालिटी मेंटेन करने की आवश्यकता बताई। श्रीदेव सुमन विश्व विद्यालय के कुल सचिव डॉ. दीपक भट्ट ने बताया कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे प्रत्येक सरकारी और गैर सरकारी महाविद्यालय गुणवत्तापरक शिक्षा मुहैया कराने में सक्षम हो सकें।
मेजबान महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. केएल बिष्ट ने कार्यशाला के सफल आयोजन पर सभी को धन्यवाद दिया। इस दौरान डॉ. कामना लोहानी, प्रो. आरएस असवाल, डॉ. विरेंद्र जोशी, डॉ. नीलू कुमारी, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. रोशन केष्टवाल, रेखा रौथाण, प्रिंसी कंडवाल, अमित नेगी, सतेंद्र कुमार, विमल डबराल, भावना, रीना, पूजा पालीवाल, अनुराग, सुनील आदि मौजूद रहे।
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वीर शहीद केसरी चंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डाकपत्थर में उच्च शिक्षा में गुणवत्ता शिक्षा के निरंतर मूल्यांकन एवं आईक्यूएसी की भूमिका विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला बुधवार को संपन्न हुई। कार्यशाला के अंतिम दिन उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधारने की जरूरत पर जोर दिया गया।
मुख्य वक्ता गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. एमएसएम रावत ने बताया कि उच्च शिक्षा में विश्व स्तरीय गुणवत्ता लाकर ही देश के युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सकता है। कहा कि वर्तमान में आईटी के क्षेत्र में पूरे विश्व में भारत के युवा अपना परचम लहरा रहे हैं। लेकिन, उन्हें ऐसा माहौल दिए जाने की जरूरत है जिससे वे अपनी प्रतिभा का उपयोग भारत में ही रहकर कर सकें। जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. एमसी नौटियाल ने भारत में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाते हुए क्वालिटी मेंटेन करने की आवश्यकता बताई। श्रीदेव सुमन विश्व विद्यालय के कुल सचिव डॉ. दीपक भट्ट ने बताया कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे प्रत्येक सरकारी और गैर सरकारी महाविद्यालय गुणवत्तापरक शिक्षा मुहैया कराने में सक्षम हो सकें।
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मेजबान महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. केएल बिष्ट ने कार्यशाला के सफल आयोजन पर सभी को धन्यवाद दिया। इस दौरान डॉ. कामना लोहानी, प्रो. आरएस असवाल, डॉ. विरेंद्र जोशी, डॉ. नीलू कुमारी, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. रोशन केष्टवाल, रेखा रौथाण, प्रिंसी कंडवाल, अमित नेगी, सतेंद्र कुमार, विमल डबराल, भावना, रीना, पूजा पालीवाल, अनुराग, सुनील आदि मौजूद रहे।
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