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पर्यटन नहीं, तीर्थाटन बढ़ाने की जरूरत : नैथानी
Updated Mon, 03 Dec 2018 02:03 AM IST
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- देव संस्कृति बचाव अभियान के तहत एक हजार धामों के चिह्नीकरण के लिए यात्रा शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर। प्रदेश में एक हजार धामों के चिह्नीकरण के लिए रविवार से 360 दिनों की यात्रा शुरू हो गई। पूर्व शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने रविवार को छरबा, सहसपुर, हरबर्टपुर, विकासनगर एवं कालसी स्थित तीर्थस्थलों पर पहुंचकर जानकारी ली।
हरर्बटपुर पहुंचने पर पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि तीर्थाटन को बढ़ावा देने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और पलायन रुकेगा। नैथानी ने कहा कि देवभूमि में पर्यटन नहीं बल्कि तीर्थाटन को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है। प्रदेश के 13 जनपदों के 95 विकासखंडों में कई सिद्धपीठ और तीर्थस्थल हैं। इनका वेद पुराणों में उल्लेख है, इसके बावजूद तीर्थाटन के बढ़ावे का काम नहीं किया जा सका है। अब प्रयास किया जा रहा है कि इन तीर्थस्थलों का चिह्नीकरण कर तीर्थाटन नीति बनाई जाए। इसके लिए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को इन तीर्थस्थलों की सूची सौंपी जाएगी। पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि श्री विश्वनाथ जगदीशिला की डोली भी इन तीर्थस्थलों से होकर गुजरेगी। पूर्व मंत्री ने कहा कि इन तीर्थस्थलों के चिह्नीकरण से कम से कम एक लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। इन तीर्थस्थलों के पास इतने ही संस्कृत विद्यालय खोले जाने की योजना है। जहां संस्कृत के साथ ही गढ़वाली, कुमाऊंनी एवं जौनसारी बोली-भाषाएं पढ़ाई जाएंगी।
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ब्यूरो/अमर उजाला
विकासनगर। प्रदेश में एक हजार धामों के चिह्नीकरण के लिए रविवार से 360 दिनों की यात्रा शुरू हो गई। पूर्व शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने रविवार को छरबा, सहसपुर, हरबर्टपुर, विकासनगर एवं कालसी स्थित तीर्थस्थलों पर पहुंचकर जानकारी ली।
हरर्बटपुर पहुंचने पर पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि तीर्थाटन को बढ़ावा देने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और पलायन रुकेगा। नैथानी ने कहा कि देवभूमि में पर्यटन नहीं बल्कि तीर्थाटन को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है। प्रदेश के 13 जनपदों के 95 विकासखंडों में कई सिद्धपीठ और तीर्थस्थल हैं। इनका वेद पुराणों में उल्लेख है, इसके बावजूद तीर्थाटन के बढ़ावे का काम नहीं किया जा सका है। अब प्रयास किया जा रहा है कि इन तीर्थस्थलों का चिह्नीकरण कर तीर्थाटन नीति बनाई जाए। इसके लिए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को इन तीर्थस्थलों की सूची सौंपी जाएगी। पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि श्री विश्वनाथ जगदीशिला की डोली भी इन तीर्थस्थलों से होकर गुजरेगी। पूर्व मंत्री ने कहा कि इन तीर्थस्थलों के चिह्नीकरण से कम से कम एक लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। इन तीर्थस्थलों के पास इतने ही संस्कृत विद्यालय खोले जाने की योजना है। जहां संस्कृत के साथ ही गढ़वाली, कुमाऊंनी एवं जौनसारी बोली-भाषाएं पढ़ाई जाएंगी।
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