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एक फिजिशयन के सहारे राजकीय अस्पताल
Updated Sun, 14 Oct 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। तीर्थनगरी में एसपीएस राजकीय चिकित्सालय डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में नौ डाक्टरों के पद रिक्त हैं। इनमें ईएमओं के पांच पदों में से तीन संविदा व एक संबद्धता पर नियुक्त है। ऐसे में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी से मरीज परेशान हैं। शनिवार को अस्पताल में डॉक्टरों के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ उमड़ी थी। फिजिशियन कक्ष के बाहर तीन बजे तक भी मरीज मौजूद थे, बताया गया कि अब तक 144 मरीजों की जांच की जा चुकी है।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक प्रतिदिन ओपीडी में करीब 400 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। जिसमें ओपीडी में एक डाक्टर औसतन 100 मरीज अटेंड कर रहा है। राजकीय चिकित्सालय में डॉक्टरों के कई पद पहले से रिक्त चल रहे हैं। वर्तमान में एक महिला चिकित्सा अधीक्षक, एक हृदय रोग, दो निश्चेतक, जीडीएमओ, गाइनोकोलोजिस्ट और ईएमओ आदि पद लंबे अरसे से रिक्त चल रहे हैं। तीर्थनगरी ऋषिकेश में डेंगू के मामले रोजाना बढ़ रहे हैं। ऐसे में ऋषिकेश के राजकीय चिकित्सालय में एक फिजिशियन के भरोसे मरीजों की जांच की जा रही है।
कोट्स
डीजी हेल्थ और सीएमओ कार्यालय के माध्यम से शासन को चिकित्सकों की कमी को लेकर जानकारी दी गई है। अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। डॉक्टरों की कमी से अस्पताल के संचालन में दिक्कतें पेश आ रही हैं।
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- डॉ. एनएस तोमर, सीएमएस
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अस्पताल प्रशासन के मुताबिक प्रतिदिन ओपीडी में करीब 400 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। जिसमें ओपीडी में एक डाक्टर औसतन 100 मरीज अटेंड कर रहा है। राजकीय चिकित्सालय में डॉक्टरों के कई पद पहले से रिक्त चल रहे हैं। वर्तमान में एक महिला चिकित्सा अधीक्षक, एक हृदय रोग, दो निश्चेतक, जीडीएमओ, गाइनोकोलोजिस्ट और ईएमओ आदि पद लंबे अरसे से रिक्त चल रहे हैं। तीर्थनगरी ऋषिकेश में डेंगू के मामले रोजाना बढ़ रहे हैं। ऐसे में ऋषिकेश के राजकीय चिकित्सालय में एक फिजिशियन के भरोसे मरीजों की जांच की जा रही है।
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डीजी हेल्थ और सीएमओ कार्यालय के माध्यम से शासन को चिकित्सकों की कमी को लेकर जानकारी दी गई है। अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। डॉक्टरों की कमी से अस्पताल के संचालन में दिक्कतें पेश आ रही हैं।
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- डॉ. एनएस तोमर, सीएमएस