{"_id":"5bc256e7bdec22697879b0c3","slug":"15394628592-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"देशी में लागू हो एनेस्थीसिया की विदेशी पद्घति: रविकांत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देशी में लागू हो एनेस्थीसिया की विदेशी पद्घति: रविकांत
Updated Sun, 14 Oct 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। इंडिया सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसिया की उत्तराखंड इकाई की ओर से एम्स में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक गोष्ठी में दूसरे दिन एनेस्थीसिया पर देसी विदेशी विशेषज्ञों ने शोध प्रस्तुति किए। इस दौरान एम्स निदेशक प्रोफेसर डॉ. रवि कांत ने एनेस्थीसिया की विदेशी पद्घति को देश में लागू किए जाने की वकालत की। संस्थान में शनिवार को अल्ट्रासाउंड और इको कार्डियोग्राफी विषय पर चल रही गोष्ठी निदेशक प्रोफेसर डॉ. रवि कांत ने शिकरत की। उन्होंने एनेस्थीसिया की उपयोगिता के बाबत गोष्ठी में मौजूद देश-दुनिया के विशेषज्ञों को जानकारी दी। बताया कि ऑपरेशन के दौरान किस तरह से मरीज की सुरक्षा को बढ़ाया जाता है। कहा कि एनेस्थीसिया की पद्घति के विकास के लिए नई सोच की आवश्यकता है।
गोष्ठी में मलेशिया के एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. रवीन थिरन ने विदेशों में एनेस्थीसिया ऑपरेशन के तौर-तरीकों से अवगत कराया। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. मुकेश त्रिपाठी ने कहा कि एनेस्थीसिया के दौरान मरीज की निगरानी अहम होती है। इससे रोगी सुरक्षा बढ़ती है और ऑपरेशन के परिणाम भी बेहतर आते हैं। मौके पर इंडियन सोसायटी ऑफ एनेस्थीसिया उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष कर्नल जीएस जीते, डॉ. गीता भंडारी, डॉ. अंकित अग्रवाल, डॉ. प्रदीप भटिया, डॉ. डीके सिंह, डॉ. जीडी पुरी, डॉ. एसके माथुर आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
गोष्ठी में मलेशिया के एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. रवीन थिरन ने विदेशों में एनेस्थीसिया ऑपरेशन के तौर-तरीकों से अवगत कराया। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. मुकेश त्रिपाठी ने कहा कि एनेस्थीसिया के दौरान मरीज की निगरानी अहम होती है। इससे रोगी सुरक्षा बढ़ती है और ऑपरेशन के परिणाम भी बेहतर आते हैं। मौके पर इंडियन सोसायटी ऑफ एनेस्थीसिया उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष कर्नल जीएस जीते, डॉ. गीता भंडारी, डॉ. अंकित अग्रवाल, डॉ. प्रदीप भटिया, डॉ. डीके सिंह, डॉ. जीडी पुरी, डॉ. एसके माथुर आदि मौजूद थे।
विज्ञापन