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परीक्षाओं का भी बहिष्कार करेंगे छात्र-छात्राएं
Updated Mon, 08 Oct 2018 09:48 PM IST
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श्रीनगर। एनआईटी उत्तराखंड के स्थायी कैंपस निर्माण, कार दुर्घटना में घायल छात्रा की आर्थिक मदद और सुविधाजनक कैंपस में शिफ्टिंग की मांग के लिए आंदोलनरत छात्र-छात्राओं ने परीक्षाओं के बहिष्कार का एलान किया है। इधर, संस्थान का कहना है कि घायल छात्रा के इलाज का खर्चा उठाया जाएगा। इसके अलावा शिक्षक-कर्मचारियों ने अपनी एक दिन की तनख्वाह घायल छात्रा के इलाज को दी है।
विगत तीन अक्तूबर को लैब जाते समय एक बेकाबू कार ने एनआईटी की दो छात्राओं नुपूर मुंडा व नीलम मीणा को टक्कर मार दी थी। नीलम का एम्स ऋषिकेश में उपचार चल रहा है। इस घटना से आक्रोशित एनआईटी के छात्र-छात्राएं चार अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। वह पॉलीटेक्निक परिसर स्थित अस्थायी कैंपस में कक्षाओं का बहिष्कार कर धरना दे रहे हैं। सोमवार को आंदोलन के पांचवें दिन उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें सुरक्षित अस्थायी कैंपस में शिफ्ट नहीं किया जाता, तब तक कक्षाओं का बहिष्कार जारी रहेगा। आगामी 10 अक्तूबर से होने वाली परीक्षाओं में बैठने से भी छात्रों ने इनकार कर दिया है। इधर, संस्थान के कार्यवाहक निदेशक प्रो. आरबी पटेल ने बताया कि बच्चों को परीक्षा देने के लिए मनाया जा रहा है। यह बच्चों के भविष्य का सवाल है। फैकल्टी व डीन लगातार उनके संपर्क में हैं। कहा कि स्थायी कैंपस के लिए जमीन मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इस मद में प्रारंभिक कार्यों के लिए 75 करोड़ रुपये रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि नीलम के इलाज के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों की एक दिन की सैलरी से लगभग 2.75 लाख रुपये जमा हुए थे, जो नीलम की माता के बैंक खाते में जमा कर दिए गए हैं।
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विगत तीन अक्तूबर को लैब जाते समय एक बेकाबू कार ने एनआईटी की दो छात्राओं नुपूर मुंडा व नीलम मीणा को टक्कर मार दी थी। नीलम का एम्स ऋषिकेश में उपचार चल रहा है। इस घटना से आक्रोशित एनआईटी के छात्र-छात्राएं चार अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। वह पॉलीटेक्निक परिसर स्थित अस्थायी कैंपस में कक्षाओं का बहिष्कार कर धरना दे रहे हैं। सोमवार को आंदोलन के पांचवें दिन उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें सुरक्षित अस्थायी कैंपस में शिफ्ट नहीं किया जाता, तब तक कक्षाओं का बहिष्कार जारी रहेगा। आगामी 10 अक्तूबर से होने वाली परीक्षाओं में बैठने से भी छात्रों ने इनकार कर दिया है। इधर, संस्थान के कार्यवाहक निदेशक प्रो. आरबी पटेल ने बताया कि बच्चों को परीक्षा देने के लिए मनाया जा रहा है। यह बच्चों के भविष्य का सवाल है। फैकल्टी व डीन लगातार उनके संपर्क में हैं। कहा कि स्थायी कैंपस के लिए जमीन मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इस मद में प्रारंभिक कार्यों के लिए 75 करोड़ रुपये रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि नीलम के इलाज के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों की एक दिन की सैलरी से लगभग 2.75 लाख रुपये जमा हुए थे, जो नीलम की माता के बैंक खाते में जमा कर दिए गए हैं।
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