{"_id":"5ba673f0867a557eaa4de075","slug":"15376352938-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेतन मिलने की उम्मीद टूटी तो जताई स्वैच्छिक सेवानिवृति की इच्छा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेतन मिलने की उम्मीद टूटी तो जताई स्वैच्छिक सेवानिवृति की इच्छा
Updated Sat, 22 Sep 2018 10:25 PM IST
विज्ञापन
श्रीनगर। आंचल डेयरी (सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ) के कर्मचारियों को 33 माह से वेतन नहीं मिल रहा है। इससे परेशान कर्मचारियों ने स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति (वीआरएस) की इच्छा जताई है। डेयरी में कार्यरत 14 नियमित कर्मचारियों में से नौ ने वीआरएस के लिए आवेदन किया है, जिसे अनुमोदन के लिए मुख्य विकास अधिकारी/प्रशासक को भेजा गया है। पूर्व में भी यहां कार्यरत 17 कर्मचारी वीआरएस ले चुके हैं।
आंचल डेयरी में 14 कर्मचारी नियमित हैं और करीब आधे दर्जन कर्मचारी दैनिक वेतन भोगी हैं। वेतन की मांग के लिए कर्मचारी कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं। बीते 17 अगस्त को यहां कार्यरत कर्मचारी ने अनशन भी किया था। हालांकि प्रबंधक से वार्ता के बाद अनशन स्थगित किया गया था। सहकारी दुग्ध कर्मचारी समिति के अध्यक्ष अरुण शर्मा ने बताया कि शनिवार को प्रधान प्रबंधक हरि सिंह से वार्ता हुई, जिसके तहत एक माह के वेतन के सापेक्ष सभी कर्मचारियों को 20-20 हजार की धनराशि दी गई है। अन्य देयकों के लिए प्रस्ताव बनाकर निदेशालय भेज दिया गया है। हालांकि कर्मचारियों ने पूरा वेतन मिलने की उम्मीद छोड़ दी है। शर्मा ने कहा कि 33 माह से बिना वेतन के घर चलाना मुश्किल हो गया है, जिसमें नौ कर्मचारियों ने वीआरएस के लिए आवेदन कर दिया है।
विज्ञापन
आंचल डेयरी में 14 कर्मचारी नियमित हैं और करीब आधे दर्जन कर्मचारी दैनिक वेतन भोगी हैं। वेतन की मांग के लिए कर्मचारी कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं। बीते 17 अगस्त को यहां कार्यरत कर्मचारी ने अनशन भी किया था। हालांकि प्रबंधक से वार्ता के बाद अनशन स्थगित किया गया था। सहकारी दुग्ध कर्मचारी समिति के अध्यक्ष अरुण शर्मा ने बताया कि शनिवार को प्रधान प्रबंधक हरि सिंह से वार्ता हुई, जिसके तहत एक माह के वेतन के सापेक्ष सभी कर्मचारियों को 20-20 हजार की धनराशि दी गई है। अन्य देयकों के लिए प्रस्ताव बनाकर निदेशालय भेज दिया गया है। हालांकि कर्मचारियों ने पूरा वेतन मिलने की उम्मीद छोड़ दी है। शर्मा ने कहा कि 33 माह से बिना वेतन के घर चलाना मुश्किल हो गया है, जिसमें नौ कर्मचारियों ने वीआरएस के लिए आवेदन कर दिया है।
विज्ञापन