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जिलाधिकारी को सौंपा जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
Updated Sat, 22 Sep 2018 10:25 PM IST
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गोपेश्वर। चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर दो माह से चल रही रार आखिरकार शनिवार को खुलकर सामने आ गई। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ जिला पंचायत सदस्यों ने डीएम को अपना अविश्वास प्रस्ताव सौंपा। प्रस्ताव में भाजपा और कांग्रेस के 27 में से 21 सदस्यों के हस्ताक्षर हैं।
दरअसल, 30 मई को चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी देवी शाह के थराली विधायक निर्वाचित होने के बाद से ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। मुन्नी देवी शाह ने लंबे समय तक थराली विधायक के पद पर शपथ नहीं ली थी और न ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया। इससे जिला पंचायत में रार शुरू होने लगी। थराली विधायक निर्वाचित होने के साठ दिन बाद पंचायती राज एक्ट का हवाला देते हुए 10 अगस्त को जिला पंचायत उपाध्यक्ष लखपत बुटोला ने स्वयं ही जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यभार संभाल दिया था। इस पर डीएम ने जिला पंचायत के ईएमई का जवाब तलब कर शीघ्र जिला पंचायत अध्यक्ष के कक्ष में ताला लगाने के निर्देश दिए थी। 13 सितंबर को जिला पंचायत में हुई जनरल बॉडी की बैठक में किसी भी सदस्य के बैठक में शामिल न होने पर अघोषित अविश्वास जैसे हालात नजर आ रहे थे। शनिवार को कुछ जिला पंचायत सदस्यों ने डीएम से भेंट कर उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंपा। प्रस्ताव पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष लखपत सिंह बुटोला, जिला पंचायत सदस्य दीक्षा बिष्ट, राजेंद्र, भागीरथी कुंजवाल, ऊषा देवी, गजपाल सिंह, गायत्री देवी, लक्ष्मी देवी, भगत सिंह, अनीता देवी, शकुंतला, धन्ना देवी, प्रदीप बुटोला, मीना, भगवती, गंगा, रमवती देवी, राजेंद्र सिंह, माहेश्वरी देवी, दर्शन सिंह और गुड्डू राम के हस्ताक्षर हैं।
पंचायती राज एक्ट के तहत एक कमेटी गठित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एक्ट के तहत जिला पंचायत अध्यक्ष को अपना पक्ष रखने के लिए 30 दिनों का समय दिया जाएगा। - स्वाति एस भदौरिया, डीएम, चमोली।
दरअसल, 30 मई को चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी देवी शाह के थराली विधायक निर्वाचित होने के बाद से ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। मुन्नी देवी शाह ने लंबे समय तक थराली विधायक के पद पर शपथ नहीं ली थी और न ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया। इससे जिला पंचायत में रार शुरू होने लगी। थराली विधायक निर्वाचित होने के साठ दिन बाद पंचायती राज एक्ट का हवाला देते हुए 10 अगस्त को जिला पंचायत उपाध्यक्ष लखपत बुटोला ने स्वयं ही जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यभार संभाल दिया था। इस पर डीएम ने जिला पंचायत के ईएमई का जवाब तलब कर शीघ्र जिला पंचायत अध्यक्ष के कक्ष में ताला लगाने के निर्देश दिए थी। 13 सितंबर को जिला पंचायत में हुई जनरल बॉडी की बैठक में किसी भी सदस्य के बैठक में शामिल न होने पर अघोषित अविश्वास जैसे हालात नजर आ रहे थे। शनिवार को कुछ जिला पंचायत सदस्यों ने डीएम से भेंट कर उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंपा। प्रस्ताव पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष लखपत सिंह बुटोला, जिला पंचायत सदस्य दीक्षा बिष्ट, राजेंद्र, भागीरथी कुंजवाल, ऊषा देवी, गजपाल सिंह, गायत्री देवी, लक्ष्मी देवी, भगत सिंह, अनीता देवी, शकुंतला, धन्ना देवी, प्रदीप बुटोला, मीना, भगवती, गंगा, रमवती देवी, राजेंद्र सिंह, माहेश्वरी देवी, दर्शन सिंह और गुड्डू राम के हस्ताक्षर हैं।
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पंचायती राज एक्ट के तहत एक कमेटी गठित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एक्ट के तहत जिला पंचायत अध्यक्ष को अपना पक्ष रखने के लिए 30 दिनों का समय दिया जाएगा। - स्वाति एस भदौरिया, डीएम, चमोली।
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