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वर्ल्ड बैंक से ज्यादा वाटर बैंक की जरूरत : चिदानंद
Updated Thu, 06 Sep 2018 02:05 AM IST
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वर्ल्ड बैंक से ज्यादा वाटर बैंक की जरूरत : चिदानंद
ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
ऋषिकेश। विश्व बैंक के अधिकारी राजेश बालासुब्रमण्यम बुधवार को परमार्थ निकेतन पहुंचे और आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुुनि से जल संरक्षण विषय पर चर्चा की। इस मौके पर स्वामी चिदानंद मुनि ने नमामि गंगे योजना के लिए धनराशि उपलब्ध कराने पर वर्ल्ड बैंक की प्रशंसा की।
स्वामी चिदानंद मुनि ने कहा कि विकास के लिए जिस तरह से वर्ल्ड बैंक की आवश्यकता है, उसी प्रकार आने वाले समय में वाटर बैंक की जरूरत पड़ेगी। वर्ल्ड बैंक राष्ट्रों के निर्माण और विकास के कार्यों के लिए आर्थिक सहायता देता है। वर्तमान में विश्व स्तर पर जल संरक्षण की दिशा में भी कार्य करने की जरूरत है। स्वामी का कहना था कि सभी देशवासियों का कर्तव्य है कि हम अपने देश को वैश्विक पावर हाउस के साथ ही वाटर पावर हाउस, ऑक्सीजन पावर हाउस व सोलर पावर हाउस बनाएं। इसके लिए हमें नदियां व अन्य जलस्रोतों के संरक्षण के लिए को बिना भेदभाव लगातार प्रयासरत रहना चाहिए। इस दौरान आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि ने टीम के सदस्यों को जल संरक्षण का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर रवि कुमार, इनवायरमेंट इंजीनियर आलोक सुमन आदि जल विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।
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ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
ऋषिकेश। विश्व बैंक के अधिकारी राजेश बालासुब्रमण्यम बुधवार को परमार्थ निकेतन पहुंचे और आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुुनि से जल संरक्षण विषय पर चर्चा की। इस मौके पर स्वामी चिदानंद मुनि ने नमामि गंगे योजना के लिए धनराशि उपलब्ध कराने पर वर्ल्ड बैंक की प्रशंसा की।
स्वामी चिदानंद मुनि ने कहा कि विकास के लिए जिस तरह से वर्ल्ड बैंक की आवश्यकता है, उसी प्रकार आने वाले समय में वाटर बैंक की जरूरत पड़ेगी। वर्ल्ड बैंक राष्ट्रों के निर्माण और विकास के कार्यों के लिए आर्थिक सहायता देता है। वर्तमान में विश्व स्तर पर जल संरक्षण की दिशा में भी कार्य करने की जरूरत है। स्वामी का कहना था कि सभी देशवासियों का कर्तव्य है कि हम अपने देश को वैश्विक पावर हाउस के साथ ही वाटर पावर हाउस, ऑक्सीजन पावर हाउस व सोलर पावर हाउस बनाएं। इसके लिए हमें नदियां व अन्य जलस्रोतों के संरक्षण के लिए को बिना भेदभाव लगातार प्रयासरत रहना चाहिए। इस दौरान आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि ने टीम के सदस्यों को जल संरक्षण का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर रवि कुमार, इनवायरमेंट इंजीनियर आलोक सुमन आदि जल विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।
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