{"_id":"5b7eed4d42c792466f4a13ff","slug":"153504493114compat-karnpryag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यटन व्यसाय होगा प्रभावित-compat","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यटन व्यसाय होगा प्रभावित-compat
Updated Thu, 23 Aug 2018 10:52 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
देवाल। विकासखंड में वेदनी, बगुवावासा, पातल नचौड़िया, बगजी, आली बुग्याल में साल भर पर्यटक पहुंचते हैं। वन विभाग द्वारा आली, वेदनी, बगुवावासा, बगजी में स्थायी हट का निर्माण किया गया है। इन हटों में ही पर्यटक रात्रि विश्राम करते हैं। विभाग द्वारा पर्यटकों से रात्रि विश्राम और बुग्याल में प्रवेश करने का शुल्क भी लिया जाता है। पर्यटकों की आवाजाही से वन विभाग को हर साल औसतन 60 लाख रुपये से अधिक की आय होती है। इसके अलावा सैकड़ों स्थानीय लोगों को भी इन बुग्यालों से रोजगार मिला है।
इंडिया हैक्स के गाइड भुवन बिष्ट का कहना है कि अगर बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर रोक लगेगी तो इसका असर स्वरोजगार कर रहे सैकड़ों युवकों के रोजगार पर पड़ेगा। उनके मुताबिक बुग्यालों में पर्यटकों को घुमाने के लिए बांक, वाण, लोहाजंग सहित आसपास के गांवों के 300 से अधिक युवा काम करते हैं। इधर इस संबंध में पूछे जाने पर बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ एनएन पांडे ने कहा कि अभी कोर्ट का आदेश नहीं पहुंचा है। आदेश का अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो
इंडिया हैक्स के गाइड भुवन बिष्ट का कहना है कि अगर बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर रोक लगेगी तो इसका असर स्वरोजगार कर रहे सैकड़ों युवकों के रोजगार पर पड़ेगा। उनके मुताबिक बुग्यालों में पर्यटकों को घुमाने के लिए बांक, वाण, लोहाजंग सहित आसपास के गांवों के 300 से अधिक युवा काम करते हैं। इधर इस संबंध में पूछे जाने पर बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ एनएन पांडे ने कहा कि अभी कोर्ट का आदेश नहीं पहुंचा है। आदेश का अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो
विज्ञापन