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राज्य में 93 सड़कें सिर्फ कागजों में जोड़ रही अंतिम छोर के गांव-compat
Updated Fri, 17 Aug 2018 10:32 PM IST
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गोपेश्वर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) को सरकार के नुमाइंदे ही पलीता लगा रहे हैं। योजना के तहत राज्य में 93 सड़कों को कागजों में ही अंतिम छोर के गांवों से जोड़ दिया गया है। इनमें 56 सड़कें गढ़वाल और 37 कुमाऊं मंडल की हैं। पौड़ी जिले में 21 और चमोली जिले में 10 ऐसी सड़कें हैं। स्थलीय निरीक्षण में यह गड़बड़झाला पकड़ में आने के बाद अब विभाग अपनी पत्रावलियों को दुरुस्त करने में जुट गया है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि जल्द ही सड़कों का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी।
योजना के अंतर्गत 250 की आबादी वाले अंतिम छोर के गांवों को सड़कों से जोड़ा जाना है, लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा ऐसी तमाम सड़कों को कागजों में ही अंतिम छोर के गांवों से जोड़ दिया गया है। चमोली जिले में वर्ष 2000 में आठ किमी तपोवन-रिंगी-भविष्य बदरी सड़क स्वीकृत हुई थी। विभाग द्वारा रिंगी गांव तक यानी 4 किमी. सड़क का ही निर्माण किया गया, जबकि पीएमजीएसवाई की ओर से रिंगी गांव से एक किमी. आगे सुभांई गांव तक सड़क दिखाई गई है। धरातल पर स्थिति यह है कि सुभांई के ग्रामीण आज भी एक किमी पैदल चल रहे हैं। यही स्थिति जोशीमठ क्षेत्र के टंगणी तल्ली से टंगणी मल्ली गांव तक बनी तीन किलोमीटर सड़क की है। यह सड़क भी अंतिम छोर के गांव को नहीं जोड़ रही है। टंगणी मल्ली गांव के ग्रामीण आज भी अपने गांव तक पहुंचने के लिए एक से दो किमी की पैदल दूरी नाप रहे हैं। जिले में योजना के तहत चटवापीपल-सिरण, देवसारी मोटर मार्ग, उस्तोली-सरपाणी, सरपाणी-लांखी, घाट-स्यांरी, घाट-जाखणी, मोख- मल्ला, कोट-लामबगड़ मार्ग को भी अंतिम छोर के गांव से जुड़ा दिखाया गया है, जबकि हकीकत में ऐसा नहीं है।
कोट----------
तपोवन-रिंगी-भविष्य बदरी सड़क को पीएमजीएसवाई की ओर से कागजों में सुभांई गांव तक जुड़ा हुआ दर्शाया गया है। जो कि गलत है। हमने इस संबंध में भारत सरकार के ग्राम्य विकास विभाग से संपर्क किया और सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए पत्र सौंपा है। जल्द ही सभी गांवों को सड़क से जोड़ने की कार्रवाई की जा रही है।
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-महेंद्र भट्ट, विधायक, बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र
---------
पूर्व के अधिकारियों ने जिले की नौ सड़कों को आबादी क्षेत्रों से जोड़ दिए जाने की रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी थी। अब सड़कों के स्थलीय निरीक्षण में सड़कों के कोर नेटवर्क से नहीं जुड़े होने की बात सामने आई है। भारत सरकार की गाइड लाइन के तहत सड़कों की मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जा रही है। जल्द ही सड़कों के निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी।
-राजकुमार, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई खंड, पोखरी, चमोली
राज्य में कहां कितनी ऐसी सड़कें
जिला सड़कों की संख्या
अल्मोड़ा- 13
रुद्रप्रयाग- 09
बागेश्वर- 14
नैनीताल- 01
पिथौरागढ़- 05
चंपावत- 04
चमोली- 10
टिहरी- 16
पौड़ी- 21
योजना के अंतर्गत 250 की आबादी वाले अंतिम छोर के गांवों को सड़कों से जोड़ा जाना है, लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा ऐसी तमाम सड़कों को कागजों में ही अंतिम छोर के गांवों से जोड़ दिया गया है। चमोली जिले में वर्ष 2000 में आठ किमी तपोवन-रिंगी-भविष्य बदरी सड़क स्वीकृत हुई थी। विभाग द्वारा रिंगी गांव तक यानी 4 किमी. सड़क का ही निर्माण किया गया, जबकि पीएमजीएसवाई की ओर से रिंगी गांव से एक किमी. आगे सुभांई गांव तक सड़क दिखाई गई है। धरातल पर स्थिति यह है कि सुभांई के ग्रामीण आज भी एक किमी पैदल चल रहे हैं। यही स्थिति जोशीमठ क्षेत्र के टंगणी तल्ली से टंगणी मल्ली गांव तक बनी तीन किलोमीटर सड़क की है। यह सड़क भी अंतिम छोर के गांव को नहीं जोड़ रही है। टंगणी मल्ली गांव के ग्रामीण आज भी अपने गांव तक पहुंचने के लिए एक से दो किमी की पैदल दूरी नाप रहे हैं। जिले में योजना के तहत चटवापीपल-सिरण, देवसारी मोटर मार्ग, उस्तोली-सरपाणी, सरपाणी-लांखी, घाट-स्यांरी, घाट-जाखणी, मोख- मल्ला, कोट-लामबगड़ मार्ग को भी अंतिम छोर के गांव से जुड़ा दिखाया गया है, जबकि हकीकत में ऐसा नहीं है।
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कोट----------
तपोवन-रिंगी-भविष्य बदरी सड़क को पीएमजीएसवाई की ओर से कागजों में सुभांई गांव तक जुड़ा हुआ दर्शाया गया है। जो कि गलत है। हमने इस संबंध में भारत सरकार के ग्राम्य विकास विभाग से संपर्क किया और सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए पत्र सौंपा है। जल्द ही सभी गांवों को सड़क से जोड़ने की कार्रवाई की जा रही है।
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-महेंद्र भट्ट, विधायक, बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र
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पूर्व के अधिकारियों ने जिले की नौ सड़कों को आबादी क्षेत्रों से जोड़ दिए जाने की रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी थी। अब सड़कों के स्थलीय निरीक्षण में सड़कों के कोर नेटवर्क से नहीं जुड़े होने की बात सामने आई है। भारत सरकार की गाइड लाइन के तहत सड़कों की मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जा रही है। जल्द ही सड़कों के निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी।
-राजकुमार, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई खंड, पोखरी, चमोली
राज्य में कहां कितनी ऐसी सड़कें
जिला सड़कों की संख्या
अल्मोड़ा- 13
रुद्रप्रयाग- 09
बागेश्वर- 14
नैनीताल- 01
पिथौरागढ़- 05
चंपावत- 04
चमोली- 10
टिहरी- 16
पौड़ी- 21